बागपत। नगर पालिका की बोर्ड बैठक के दौरान मामूली कहासुनी के बाद दो सभासदों के बीच कुर्सियां चल गईं। लात घूंसे चले। पालिकाध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट और ईओ ललित आर्य ने किसी तरह बीच-बचाव कराया। हंगामे के बीच करीब 22 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास किए।
बुधवार को नगर पालिका की बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा हुआ। शहर में होने वाले विकास कार्यों के लिए बनने वाली निगरानी समिति में सदस्यों को शामिल किया जाना था। इसी दौरान वार्ड 23 के सभासद इकराम और वार्ड 18 के सभासद जाहिद के बीच समिति से नाम कटवाने को लेकर कहासुनी हो गई। कुछ ही देर में दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। बोर्ड बैठक में कुर्सियां चलने लगीं। सभासदों के झगड़े से बोर्ड बैठक जंग का अखाड़ा बन गई। चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट और ईओ ललित कुमार आर्य ने किसी तरह सभासदों का बीच बचाव कराया। उधर, ईओ ललित कुमार आर्य ने बताया कि दोनों सभासदों में पहले से ही कोई पुराना मनमुटाव है। इसे लेकर उनका झगड़ा हुआ है। दोनों पक्षों को शांत कराया। चेयरमैन ने कहा कि सभासदों के बीच जो भी हुआ उसे मौके पर शांत कराया और भविष्य में अपनी बात को संवैधानिक तरीके से मीटिंग में रखने के लिए कहा गया है।
बोर्ड बैठक में 22 करोड़ रुपये के बजट हुआ स्वीकृत
बागपत। नगर पालिका के सभागार में बुधवार को बोर्ड की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से 22 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास किए । इसके माध्यम से कर्मचारियों का वेतन और शहर में विकास कार्य होंगे।
नगर पालिका में चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई। इसमें 24 सभासदों ने भाग लिया। सबसे पहले बोर्ड के एजेंडे पर चर्चा हुई। इसके बाद सभी सभासदों ने अपने वार्ड की समस्याओं से अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को अवगत कराया। उन्हें समस्याओं का समाधान का आश्वासन दिया । सभासदों द्वारा दिए प्रस्तावों के अनुसार शहर में जर्जर मार्ग, स्ट्रीट लाइट, कूडे़दान की चारदीवारी, बारात घर का निर्माण सहित कर्मचारियों के वेतन के लिए 22 करोड़ रुपये की स्वीकृति हुई। इसका सभी ने स्वागत किया। उधर, चेयरमैन नगर पालिका राजूद्दीन ने बताया कि शहर के मुख्य मार्गों पर यात्रियों को शौच के लिए महिला और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इधर-उधर भटकना पड़ता है। इस समस्याओं को देखकर नगर पालिका ने सार्वजनिक और प्लास्टिक के शौचालय रखने की योजना बनाई है।