शहर के चमरावल मार्ग स्थित इंद्रदेव इंस्टीट्यूट में बुधवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कराया गया। कार्यक्रम में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक दूल्हा-दुल्हन को रोककर सामान देखा तो पेंट-शर्ट के कपड़े व बर्तन की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। चांदी की पायजेब में कुंडे नहीं थे कंपनी की मुहर भी नहीं मिली। डीएम ने सामान को लेकर समाज कल्याण अधिकारी तूलिका शर्मा से नाराजगी जताई। इसके बाद सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने सभी ब्लॉक से दुल्हन को दिए जाने वाले सामान के सैंपल रखवाने के आदेश दिए। इनकी जांच की जाएगी। जांच के लिए एडीएम सुभाष सिंह की अध्यक्षता में बड़ौत बीडीओ ज्योति बाला व लेखाधिकारी आशीष को कमेटी में शामिल किया गया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जांच में यदि शादी के सामान की गुणवत्ता खराब मिलती है तो ठेकेदार का भुगतान रोकने के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की खींचतान, गुट भी बने
जिले में इस समय अधिकारियों के बीच अंदरूनी तौर पर लड़ाई चल रही है और इस तरह जिला जंग का अखाड़ा बन गया है। इस लड़ाई में अधिकारियों के गुट बन गए हैं। इस कारण ही पिछले काफी समय से गायब चल रही एक अधिकारी पिछले तीन दिन से जिले में सक्रिय है।
जांच के लिए दुल्हन से लिया सामान, चुनरी उतरवाई : पिलाना ब्लॉक के बीडीओ भंवर सिंह ने सामान लेकर जा रही गौसपुर निवासी आयशा से विवाहिता की चुनरी व पायल तक ले ली और जांच करने के लिए सामान समिति के सामने रख दिया। बाद में परिजन भी पहुंच गए और कार्यालय में बैठ गए। । बाद में विवाहिता को चुनरी दी और इसके बाद घर पर सामान पहुंचाने का आश्वासन देकर विवाहिता व उसके परिजनों को भेज दिया।