बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में केवल 10 दिन में चार्जशीट लगाई गई है। न्यायालय ने चार्जशीट स्वीकार करते हुए आरोपी पर चार्जफ्रेम कर दिया है। मंगलवार से अदालत में सुनवाई शुरू हो जाएगी।
बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाला व्यक्ति मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी छह साल की बेटी 25 जुलाई को घर के सामने खेल रही थी। हल्की बारिश होने पर परिवार के लोग अंदर आ गए और बच्ची बाहर से खेलते समय ही लापता हो गई। तलाश करने पर बच्ची का खून से लथपथ शव पड़ोसी के खाली मकान में मिला। इस घटना के विरोध में जमकर हंगामा हुआ था। पुलिस ने करीब चार घंटे बाद ही पड़ोस के युवक संदीप को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया था। उसे पुलिस ने जेल भेज दिया था। पांच अगस्त को केवल 10 दिन में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
एएसपी मनीष कुमार मिश्र के अनुसार पोक्सो एक्ट में आरोपियों को सजा दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए सबसे कम समय में चार्जशीट दाखिल की गई है। इस मामले में मजबूत पैरवी की जाएगी। विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपी के खिलाफ चार्जफ्रेम हो चुका है और अब मंगलवार से कोर्ट में सुनवाई शुरू हो जाएगी।
पुलिस व सरकारी वकीलों की टीम बनाई गई
एएसपी मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले में मजबूत पैरवी के लिए एक टीम गठित की गई है, जिसमें पुलिस की ओर से सीओ बड़ौत आलोक सिंह हैं। वहीं अदालत में डीजीसी सुनील पंवार के साथ विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र शर्मा कार्य करेंगे।
पोक्सो एक्ट में पांच दिन में हुई थी सजा
डीजीसी सुनील पंवार ने बताया कि पोक्सो एक्ट के मामलों को प्राथमिकता पर लिया जा रहा है। इसलिए ही नवंबर 2019 में छपरौली क्षेत्र की तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में न्यायालय में केवल पांच दिन में सुनवाई पूरी कर दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने बताया कि सबूतों के आधार पर सजा दिलाने का प्रयास किया जाता है।