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नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल

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नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल
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पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर ने 60 इंजेक्शन किए थे बरामद, चार लोगों को किया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना की दूसरी लहर के बीच रेमडेसिविर की किल्लत होने पर नकली इंजेक्शन की तस्करी करते पकड़े गए चार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है।
कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत हुई थी और इनको ब्लैक में बेचा जा रहा था। नकली इंजेक्शन का धंधा भी शुरू हो गया था। 19 मई को बागपत कोतवाली पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने राष्ट्र वंदना चौक पर एक गाड़ी से रेमडेसिविर के 60 इंजेक्शन बरामद किए थे। मनमोहन और उसके बेटे मुकंद निवासी गांधी कालोनी थाना नई मंडी जिला मुजफ्फरनगर और बिशन निवासी सलेमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार को गिरफ्तार किया था।
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ये लोग 14 मई को पंजाब के जीरकपुर नगर की वेदांग ट्रेडिंग कंपनी के संचालक सुखपाल चौहान उर्फ एसपी चौहान से 92 इंजेक्शन खरीदकर मुजफ्फरनगर लाए थे। 32 इंजेक्शन मनमोहन के दूसरे बेटे विशाल ने बेच दिए थे। 60 इंजेक्शन सप्लाई करने के लिए दिल्ली ले जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने बाद में सुखपाल चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया था। यहां से लखनऊ लैब में इंजेक्शन जांच के लिए भेज दिए थे। वहां से रिपोर्ट आने के बाद खुलासा हुआ था कि ये नकली इंजेक्शन हैं। इस मामले में विवेचक एसआई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ बुधवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। विवेचना में शामिल किए गए दो आरोपियों मनदीप और विशाल के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
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