बच्चों को जिद्दी न बनाएं, रखें ख्याल
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज की मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डाॅ. अंशु अग्रवाल का कहना है कि अक्सर अभिभावक अपने बच्चों से बहुत प्यार करते हैं, बच्चों के मांगने के तुंरत बाद उन्हें उनकी मनपंसद चीजे दिला देते हैं, जिस कारण बच्चा धीरे-धीरे जिद्दी बन जाता है, यही कारण है कि लाड़-प्यार के चलते मना करने पर बच्चा ऐसा कदम उठा लेते हैं, जिसके बाद अभिभावक जीवन पर पछतावा करते हैं। बच्चों को समझाएं और आत्मविश्वास बढ़ाकर उन्हें उनके पैरों पर खड़ा करें। उन्हें समझाएं आत्महत्या करना गलत है। जीवन में संघर्ष करके ही मुकाम हासिल किया जाता है।
कोशिश करें, घरों में न रखे जाए हथियार
सीओ सविरत्न गौतम का कहना है कि यदि किसी के पास लाइसेंसी हथियार है, तो उसे बच्चों और युवाओं की पहुंच से दूर रखें, बार-बार उसका बच्चों के सामने प्रदर्शन न करें। अवैध हथियार रखना कानूनन अपराध है।