रस्म पगड़ी के दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने भी स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह को श्रद्धांजलि देकर जयंत चौधरी को पगड़ी पहनाई।
वहीं गठवाला खाप के मुखिया चौधरी श्याम सिंह, कालखंडे खाप के मुखिया संजय कालखंडे, बतीसा खाप के मुखिया चौधरी शोकिंद्र सिंह समेत हरियाणा व राजस्थान से भी खाप चौधरी रस्म पगड़ी में शामिल हुए और जयंत चौधरी को पगड़ी पहनाई। इस दौरान खापों के मुखिया ने कहा की आज से जयंत चौधरी को पगड़ी पहना दी गई है। स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह की विरासत को अब वे ही संभालेंगे। आज से उन्हें चौधरी जयंत कहा जाएगा।
वहीं पगड़ी रस्म के दौरान जयंत चौधरी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि आपकी उम्मीद और आशाओं को टूटने नहीं दूंगा। आपका साथ इसी तरह मिलता रहा तो यह मेरे लिए एक कवच का काम करेगा। उन्होंने कहा कि आपने मुझे चौधरी चरणसिंह और चौधरी अजित सिंह की विरासत सौंपी है तो मैं उसका सम्मान करते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ उसे जरूर संभालूंगा।
इससे पहले जयंत चौधरी ने हवन में आहुति देकर और चौधरी अजित सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जयंत चौधरी ने मंच पर पहुंचकर लोगों का अभिवादन किया। इसके बाद खाप मुखिया व अन्य गणमान्य लोगों ने उन्हें पगड़ी पहनाई। इस दौरान उनके साथ भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत भी मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम के साथ ही रालोद अपनी ताकत भी दिखा रहा है, तो वहीं यहां से जयंत चौधरी के हाथों को मजबूती देने के लिए भावनात्मक अपील हो रही है। हालांकि जयंत चौधरी के सामने दादा व पिता की विरासत को आगे बढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि हिंदू-मुस्लिम का भाईचारा बनाना उनके लिए सबसे जरूरी होगा।