फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला खास------- चिट्ठी लाने के साथ ही अब बच्चों का आधार भी बनाएंगे डाकिया बाबू

विज्ञापन
बागपत जनपद के नगर बड़ौत में बच्चे का आधार कार्ड बनाता डाक विभाग का कर्मचारी। - फोटो : BARAUT
विज्ञापन
बड़ौत। डाक विभाग के डाकिया अब सिर्फ चिट्ठी पत्री ही नहीं बांटेंगे।वे अब घर-घर जाकर पांच साल से छोटे बच्चों का आधार कार्ड भी बनाएंगे। आधार कार्ड बनाने के लिए अभिभावकों को कोई शुल्क भी नहीं देना होगा। प्रशिक्षण में पास डाकियों को स्मार्टफोन से लैस करके जिम्मेदारी सौंप दी गई है। अभी तक आधार कार्ड बैंकों व विशेष संस्थाओं की ओर से ही बनाए जा रहे थे।
विज्ञापन

जनपद में एक प्रधान डाकघर बड़ौत, मुख्य डाकघर बागपत, 16 उपडाकघर, 146 ब्रांच डाकघर हैं। इनके डाकिया बाल नामांकन सेवा योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में धरातल पर उतारने के लिए घर-घर जाएंगे। ये पांच साल से कम आयु वर्ग के बच्चों का आधार कार्ड, उनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक करेंगे। आधार कार्ड बनाते समय डाकिया भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के रजिस्ट्रार की भूमिका निभाएंगे। इस सुविधा के शुरू होने से उन बच्चों के आधार कार्ड भी बन जाएंगे। जिनके अभिभावक दैनिक मजदूरी के चलते आधार कार्ड बनवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
मां के अंगूठे से बच्चे के आधार का होगा सत्यापन
छोटे बच्चों के आधार कार्ड बनाने में अनियमितता रोकने के लिए विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं। पांच साल से छोटे बच्चों के आधार का सत्यापन मां के अंगूठे से किया जाएगा, क्योंकि छोटे बच्चों के अंगूठे की लकीरें स्पष्ट नहीं होती हैं। डाक विभाग ने मां के अंगूठे से ही सत्यापन का फैसला लिया है।
विज्ञापन

कार्ड में बदलाव पर 50 रुपये शुल्क देना होगा
डाक विभाग की ओर से आधार कार्ड बनाने के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। सिर्फ आधार कार्ड में कुछ बदलाव कराने पर 50 रुपये शुल्क देना अनिवार्य होगा। मोबाइल नंबर पर आने वाला मेसेज ही इसकी रसीद होगी।
आधार के लिए ये हैं जरूरी दस्तावेज
पांच साल से छोटे बच्चों के आधार कार्ड के लिए अस्पताल के जन्म प्रमाण पत्र के साथ माता का आधार नंबर का होना जरूरी है। मां का आधार न होने की दशा में ही पिता का आधार कार्ड स्वीकार किया जाएगा।
वर्जन
प्रधान डाकघर बड़ौत के पोस्टमास्टर श्रीभगवान ने बताया कि जनपद में 146 ब्रांच डाकघर हैं। जिनके द्वारा घर-घर जाकर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड बनवाए जाएंगे। डाकियों को प्रशिक्षण दिया गया है। आधार कार्ड बनाने के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें