सिंगल यूज प्लास्टिक मिली तो होगी कार्रवाई
बड़ौत। सिंगल यूज प्लास्टिक पर एक जुलाई से पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बृहस्पतिवार के बाद इसका प्रयोग व निर्माण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार के निर्देश के अनुपालन की कवायद में जिला प्रशासन जुट गया है।
100 माइक्रॉन तक के प्लास्टिक पर केंद्र सरकार ने एक जुलाई से पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। जिसे लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। जागरूकता को लेकर प्रचार-प्रसार की कवायद नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका व नगर पंचायत द्वारा की जा रही है तो ग्रामीणांचल में तहसील प्रशासन इस कवायद में जुटा हुआ है। नए दिशा निर्देशों के तहत एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण व उपयोग दोनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके तहत सात साल की सजा व एक लाख रुपये तक का जुर्माना निर्धारित है।
ये हैं सिंगल यूज प्लास्टिक
सिंगल यूज प्लास्टिक का मतलब प्लास्टिक से बनी उन वस्तुओं से है, जिसे एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आसानी से खत्म नहीं किए जा सकते। सिंगल यूज वाले प्लास्टिक में वस्तुओं की पैकेजिंग से लेकर बोतलों (शैंपू, डिटर्जेंट, कॉस्मेटिक्स), पॉलिथीन बैग, फेस मास्क, कॉफी कप, क्लिंग फिल्म, कचरा बैग, फूड पैकेजिंग जैसी चीजें आती हैं।
इन चीजों के इस्तेमाल पर होगी पाबंदी
नगरीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजेंद्र मलिक ने बताया कि एक जुलाई से सरकार जिन सिंगल यूज वाले प्लास्टिक पर बैन लगाने जा रही है, उनमें प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बैंड, गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट वाले थर्माकोल, प्लास्टिक प्लेट, कप, प्लास्टिक पैंकिंग आइटम, प्लास्टिक के इनविटेशन कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम वाले प्लास्टिक और पीवीसी उत्पाद शामिल है।
- घर से निकलें थैला लेकर
नगरपालिका चैयरमैन अमित राणा व ईओ अनुज कौशिक ने कहा कि घर से निकलें तो झोला लेकर चलें, पॉलिथीन में सामान न लें। घर में जो सिंगल यूज प्लास्टिक मौजूद हो उसे एक जगह एकत्र करें और नपा के सफाई कर्मियों को सौंप दें। स्वच्छता व स्वास्थ्य के लिए 100 माइक्रान तक के प्लास्टिक से दूरी बनाना अत्यंत आवश्यक है।