चांदीनगर। नगर पंचायत रटौल के मदरसा आयशा लिल बनात में बृहस्पतिवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। इसमें 28 लड़कियों ने आलिमा का कोर्स पूरा किया। जलसे में आलिमाओं को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। जलसा में मुफ्ती अहसान देवबंदी ने अपनी तकरीर में कहा कि लड़कियों के लिए उर्दू अरबी के साथ-साथ दुनियावी तालीम जरूरी है।
मुफ्ती अहसान देवबंदी ने कहा कि यह बागपत का पहला मदरसा मदरसा है। इसमें लड़कियों के लिए आलिमा का कोर्स कराया जाता है। मदरसे के संचालक मुफ्ती अली मोहम्मद की मेहनत रंग लाई है। उन्होंने दीन के कार्य को आगे बढ़ाया है। मदरसे में आलिमाओं को उर्दू, अरबी की शिक्षा के साथ-साथ अंग्रेजी, हिंदी, गणित और कंप्यूटर की शिक्षा भी दी गई है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के लिए दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अदब के साथ पर्दे में रहना चाहिए। उन्होंने आलिमाओं को परिवार चलाने के साथ-साथ दीन के कार्य को भी आगे बढ़ाने की अपील की। रटौल के चौधरी हकीकत ने रटौल के पाचों मदरसे में 50 गज जमीन देने की घोषणा की। इस मौके पर मौलाना अब्दुल सत्तार, मौलाना अब्दुल रहीम, मौलाना अब्दुल मनान, मौलाना शफीक, मोहम्मद महताब, हबीब खान, वसीम, रियाजुद्दीन मौजूद रहेे।