दोघट (बागपत)।
गांगनौली गांव में कैंसर से 58 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। ग्रामीणों ने कृष्णा नदी में बह रहे रसायन युक्त पानी के कारण कैंसर से मौत होना बताया। पिछले तीन साल में अब तक 20 से अधिक लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत फैली है।
गांगनौली गांव निवासी तेजपाल (58) पुत्र मलखान सिंह को पिछले डेढ़ माह से कैंसर का पता चला । उसका मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार को कैंसर के चलते उसकी मौत हो गई। ग्रामीण संजीव राठी, पूर्व प्रधान धर्मेंद्र राठी आदि ने बताया कि गांव के पास से कृष्णा नदी बहती है। इसमें कई साल से फैक्ट्रियों का रसायन युक्त पानी बह रहा है। नदी के पानी से भूजल को भी दूषित कर दिया है। लोग पानी पीकर कैंसर जैसी घातक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। गांव में लगे हैंडपंपों से भी दूषित पानी निकल रहा है। हैंडपंपों के पानी के नमूने भी फेल हो चुके हैं। एनजीटी ने सरकार को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के आदेश दे रखे हैं, लेकिन ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। गांव में कैंसर से तीन साल के अंदर 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण को कैंसर का तब पता चलता है जब बीमारी आखिरी स्टेज पर होती है। दो या तीन महीने में व्यक्ति की मौत हो जाती है। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मृतक तेजपाल के घर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी रही।