ेवारा खास राजा बगहवा में हो रही कटान।
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लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के बाढ़ का पानी तेजी से फैलता जा रहा है। बाढ़ का पानी शनिवार को सेमरी और मल्लाह का पुरवा में घुस गया। इससे लोगों की मुसीबत बढ़ गई है तो पशुपालक भी परेशान हैं। कई ग्रामों का संपर्क मार्ग टूट गया है। सैकड़ों एकड़ खेत में जलभराव की स्थिति है। नदी का जलस्तर कम हुआ है लेकिन समस्याएं बरकरार हैं।
नदी और महुला गढ़वल बंधे के बीच बसे ग्रामों की हालत अत्यंत खराब है। सेमरी और मल्लाह बस्ती में पानी घुस गया है। कीचड़ और जलजमाव से लोग परेशान हैं। बंधा के उत्तर के लोग गांव से बाहर जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। घटाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो गई है। गांगेपुर, बगहवा, अचलनगर गांव के सामने सरयू नदी में कटान तेज हो गई है। प्रतिदिन लगभग 20 से 25 एकड़ उपजाऊ खेत सरयू नदी अपने आगोश में ले रही है। बगहवा के घरों मे सरयू नदी की लहरें पहुंचने लगी हैं। अगर यही स्थिति रही तो अगले एक सप्ताह में एक दर्जन लोगों का आशियाना सरयू नदी के जद में आ जाएगा। अभी गांगेपुर परसिया में रामनिवास, अखिलेश, राज नारायण, प्रदीप, राजेश सहित दर्जनभर लोगों की उपजाऊ भूमि सरयू नदी में समा चुकी है। इसके साथ ही छोटी सरयू के तेवर भी तल्ख हो गए हैं। सरयू की बाढ़ से 50 गांव के संपर्क मार्ग डूब गए हैं। अखईपुर पुल पर तीन फीट तक पानी लग गया है। लाटघाट रौनापार संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ना शुरू हो गया है। तो वहीं लाटघाट से घाघरा, खांड़ से लाटघाट, खजौली से बाजार गोसाई, चांदपट्टी से मऊ कुतुबपुर ,मजनू चौक से अंखईपुर संपर्क मार्ग, पिहार सिरही मार्ग पर पानी जमा है। इस तरह से लगभग 50 गांव के संपर्क मार्ग पर छोटी सरयू नदी का पानी चढ़ गया है। लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं पशुओं को चारे के लिए भी समस्या बनती जा रही है।