आजमगढ़ की मुबारकपुर विधानसभा से अभी तक किसी पार्टी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। जिसके चलते यहां के लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। टिकट के दावेदारों का क्षेत्र में जनता के बीच जनसंपर्क जारी है। हर पार्टी से आधा दर्जन से अधिक नेताओं ने टिकट के लिए अपनी-अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। किसे टिकट मिलेगा यह कोई नहीं जानता है।
मुबारकपुर का चुनावी समीकरण इस बार इतना उलझ गया है कि किसी को यह समझ में नहीं आ रहा कि वह यहां पर किस चेहरे को मैदान में उतारे। पिछले चुनावों पर नजर डाला जाए तो यह सीट मात्र एक बार सपा के खाते में गई है। उस समय सपा और बसपा ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और रामदर्शन यादव यहां से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1996 से लगातार इस सीट पर बसपा का कब्जा होता चला आ रहा है।