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तमसा नदी में बढ़ाव जारी: आजमगढ़ में दुर्वासा धाम पुल छह साल बाद डूबा, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

Sun, 19 Sep 2021 10:42 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

तमसा नदी में विगत कई वर्षों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी। इसके चलते लोग निचले इलाके में अपने घर बना लिए थे। बृहस्पतिवार की रात हुई मुसलाधार बारिश से तमसा नदी के जलस्तर में बढ़ाव होने लगा और उसने विकराल रूप धारण कर लिया।
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दुर्वासा धाम पुल के ऊपर पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ में तमसा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने के कारण अब लोगों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। निचले इलाके में रहने वाले लोगों के घर पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। रविवार को भी नदी के जलस्तर में बढ़ाव दर्ज किया गया। नदी अगर इसी तरह से अनवरत बढ़ती रही तो वह आस-पास के कई इलाकों को अपने आगोश में ले लेगी।  

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दुर्वासा धाम स्थित तमसा नदी पर बना पुल पूरी तरह से डूब चुका है।  दूर दराज से शव दाह के लिए आने वाले लोगों को श्मशान घाट तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तमसा-मंजूषा संगम पर बने पुल पर लगभग तीन फुट पानी लगा हुआ है। जिसके बीच से होकर लोग पुल पार कर रहे हैं। दुर्वासा धाम स्थित शिवमंदिर के गर्भ गृह तक पानी पहुंच गया है।

घाट पूरी तरह से जलमग्न है। दुर्वासा धाम मंदिर के पुजारी श्री राम गिरी ने बताया कि छह साल पहले ऐसी स्थिति हुई थी। इससे पहले  2005 में पुल पर लगभग डेढ़ फीट ऊपर से पानी बह रहा था। इस बार अभी लगभग पुल पर तीन फीट पानी बह रहा है। लेकिन फिर भी लोग शव दाह करने के लिए पुल से गुजर रहे हैं। जबकि सबसे बड़ा खतरा पुल के दोनों किनारे पर है।

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भारी बारिश के बाद तमसा नदी का विकराल रूप

तमसा नदी में विगत कई वर्षों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी। इसके चलते लोग तमसा नदी की तरफ शहर बांध के उस पार निचले इलाके में अपने घर बना लिए थे। बृहस्पतिवार की रात हुई मुसलाधार बारिश से तमसा नदी के जलस्तर में बढ़ाव होने लगा और उसने विकराल रूप धारण कर लिया। नदी क्षेत्र से सटाकर आशियाना बनाने वालों के घर पूरी तरह से डूब गए हैं।

कुछ लोग तो अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए तो कुछ अभी भी दूसरे तल पर रहने को विवश हैं। वहीं पुराने पुल के पास रहने वाले कुछ परिवार अपनी झोपड़ी छोड़कर पुराने पुल पर रहने को विवश हैं। शहर के नरौली पुल के पास लगे गेज पर खतरा बिंदु 74.88 मीटर है। शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़कर 72.91 मीटर रिकार्ड किया गया। जो रविवार को बढ़कर 73.06 मीटर हो गया।

तमसा नदी में करीब 15 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। यदि नदी इसी तरह बढ़ती गई तो शहर के कई अन्य इलाकों को अपनी चपेट में ले लेगी। पुराने शाही पुल से भी तमसा नदी कुछ ही फीट नीचे बह रही है। तमसा नदी के किनारे स्थित राजघाट भी पूरी तरह से डूब गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर लोग काफी भयभीत व आशंकित नजर आ रहे हैं।
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घाघरा के जलस्तर में कमी के साथ कटान में आई तेजी

सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर में रविवार को 20 और 29 सेमी घटाव दर्ज किया गया। जलस्तर घटने के साथ ही नदी की कटान तेज हो गई है। तेजी से हो रही कटान को देख देवारावासी सहमे हुए हैं।  घाघरा के जलस्तर में रविवार से कमी देखने को मिली रही है। रविवार को डिघिया नाले पर 29 और बदरहुंआ पर 20 सेमी घटाव दर्ज किया गया। गांगेपुर, परसिया के किसान भूमिहीन होने के कगार पर हैं। गांव के संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ गया था, जो अब हटना शुरू हो गया है।
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