तमसा नदी में विगत कई वर्षों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी। इसके चलते लोग तमसा नदी की तरफ शहर बांध के उस पार निचले इलाके में अपने घर बना लिए थे। बृहस्पतिवार की रात हुई मुसलाधार बारिश से तमसा नदी के जलस्तर में बढ़ाव होने लगा और उसने विकराल रूप धारण कर लिया। नदी क्षेत्र से सटाकर आशियाना बनाने वालों के घर पूरी तरह से डूब गए हैं।
कुछ लोग तो अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए तो कुछ अभी भी दूसरे तल पर रहने को विवश हैं। वहीं पुराने पुल के पास रहने वाले कुछ परिवार अपनी झोपड़ी छोड़कर पुराने पुल पर रहने को विवश हैं। शहर के नरौली पुल के पास लगे गेज पर खतरा बिंदु 74.88 मीटर है। शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़कर 72.91 मीटर रिकार्ड किया गया। जो रविवार को बढ़कर 73.06 मीटर हो गया।
तमसा नदी में करीब 15 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। यदि नदी इसी तरह बढ़ती गई तो शहर के कई अन्य इलाकों को अपनी चपेट में ले लेगी। पुराने शाही पुल से भी तमसा नदी कुछ ही फीट नीचे बह रही है। तमसा नदी के किनारे स्थित राजघाट भी पूरी तरह से डूब गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर लोग काफी भयभीत व आशंकित नजर आ रहे हैं।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर में रविवार को 20 और 29 सेमी घटाव दर्ज किया गया। जलस्तर घटने के साथ ही नदी की कटान तेज हो गई है। तेजी से हो रही कटान को देख देवारावासी सहमे हुए हैं। घाघरा के जलस्तर में रविवार से कमी देखने को मिली रही है। रविवार को डिघिया नाले पर 29 और बदरहुंआ पर 20 सेमी घटाव दर्ज किया गया। गांगेपुर, परसिया के किसान भूमिहीन होने के कगार पर हैं। गांव के संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ गया था, जो अब हटना शुरू हो गया है।