इसके बावजूद बाटला हाउस एनकाउंटर केस में शुरू से ही कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। जबकि इस घटना में एक बहादुर पुलिस अफसर एवं दो प्रतिभावान छात्रों की मौत हुई। न तो तत्कालीन कांग्रेस सरकार, वर्तमान भाजपा की केंद्र सरकार और चुनाव से पहले इस एनकाउंटर पर सवाल उठाने वाले अरविंद केजरीवाल ने सत्ता हासिल करने के बाद इस कांड की जांच करवाना जरूरी समझा।
इससे एक सवाल खड़ा होता है कि आखिर क्या वजह है कि इस एनकाउंटर की जांच नहीं कराई गई। यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष नूरूल होदा ने कहा कि प्रधानमंत्री सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं लेकिन क्या सबका साथ सबका विकास सबको न्याय के बिना संभव है।
भाजपा सरकार भी न्याय करने की बजाए पिछली कांग्रेस सरकार के ढर्रे पर ही चल रही है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नोमान अहमद, अबु तालिब, अबसार अहमद, नफीस अहमद, अब्दुल्लाह, दिनेश कन्नौजिया, शकील अहमद, हमजा, आजम आदि उपस्थित थे।