जिले में अब राज्य विश्वविद्यालय यशपालपुर-आजमबांध में बनेगा। मंडलायुक्त की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव को मंजूर करते हुए शासन ने जिला प्रशासन से विश्वविद्यालय निर्माण में लागत का प्रस्ताव मांगा है। जिलाधिकारी ने इस कार्य में पीडब्ल्यूडी की टीम को लगाया है।
राज्य आवासीय विश्वविद्यालय की जमीन को लेकर लंबे समय से चली आ रही खींचतान खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। हाल ही में मंडलायुक्त ने यशपालपुर-आजमबांध की जमीन का प्रस्ताव तैयार कर भेजा था। इस पर शासन की ओर से मुहर लगती दिख रही है। शासन ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में आने वाली लागत का प्रस्ताव मांगा है। मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की थी। चुनाव संपन्न होने के बाद सदर तहसील के सठियांव ब्लाक के मोहब्बतपुर, महलिया, दौलतपुर में 50 एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। इसमें 38 एकड़ सरकारी भूमि थी। इसके बाद शेष जमीन को किसानों से क्रय किया गया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने जब स्टीमेट तैयार किया तो यह 200 करोड़ के करीब पहुंच गया। शासन ने इसे कम करने को कहा तो पीडब्ल्यूडी ने जमीन को लो लैंड बताते हुए बजट को कम करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद सीएम ने दूसरी जमीन की तलाश करने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने चार जमीनों को चिह्नित किया था। इनमें से जब शासन की ओर से एक जमीन का प्रस्ताव मांगा गया तो मंडलायुक्त ने यशपालपुर आजमबांध की जमीन का प्रस्ताव तैयार कर भेजा था। अब शासन ने इस जमीन पर बनने विश्वविद्यालय पर अनुमानित बजट का प्रस्ताव मांगा है। डीएम ने इस कार्य के लिए पीडब्ल्यूडी की टीम को लगाया है।
आजमगढ़ विवि में शामिल होंगे 445 महाविद्यालय
आजमगढ़। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से 17 जून से आजमगढ़ व मऊ जिले के लगभग 445 महाविद्यालय अलग होकर आजमगढ़ विश्वविद्यालय से जुड़ जाएंगे। दोनों जिलों में कुल 445 महाविद्यालय हैं।
जिले में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए यशपालपुर आजमबांध की जमीन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसे शासन ने स्वीकार करते हुए राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च होने वाली अनुमानित लागत का प्रस्ताव मांगा है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी की टीम को लगाया गया है।-राजेश कुमार, डीएम।