शहर के पुरानी कोतवाली स्थित शिव मंदिर पर भैया दूज की पूजा करती श्रद्घालु महिलाएं।
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आजमगढ़। भैया दूज का पर्व जनपद में हर्षोल्लास पूर्ण माहौल में मनाया गया। बहनों ने गोबर से गोधन बनाया और उसकी विधिवत पूजा की। भाइयों को श्राप दिया और जबान में कांटा चुभाकर प्रायश्चित किया।
पौराणिक कथाओं के अनुसार द्वितीया को यमराज बहन यमी (यमुना) से मिलने पहुंचे थे। यमी की सेवा से प्रसन्न होकर भाई वरदान मांगने को कहा। यमी ने बहन के घर भोजन करने और यमुना स्नान करने वाले भाई की यमलोक से मुक्ति का वर मांगा था। इसी परंपरा के अनुसार भाई बहन के घर पहुंचे और बहनों ने उनका टीका किया। इसके अलावा पूर्वांचल की परंपरा के मुताबिक भाइयों की लंबी उम्र के लिए बहनों ने व्रत रखा और जगह-जगह गोंठ बनाकर पूजा की। पूजन में प्रयुक्त होने वाले सामानों की दुकानें सुबह से ही नगर के मुख्य चौक क्षेत्र में लग गई थी।
फूलपुर तहसील के नगर और ग्रामीण इलाकों में भैया दूज धूमधाम से मनाई गई। माहुल, अंबारी, खांजहापुर, पलिया, पुष्पनगर, पल्थी, मैंगना, गोधना, दीदारगंज, हब्बीगंज, फुलवरिया व गनवारा आदि जगहों पर गोबर्धन पूजा करके ईंट और मुसर से अन्नकूट को कूटा गया। साथ ही गोबर्धन पूजा की। दूसरे दिन शनिवार को भैया दूज पर बहनों ने भाइयों के मंगलमय जीवन की कामना की।