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कार, पक्का मकान और सरकारी नौकरी वालों का बन गया राशन कार्ड

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आजमगढ़। कोरोना महामारी के बीच सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की बहुत बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। तहसील, ब्लाक स्तर पर तैनात इन्होंने तमाम अपात्रों का भी राशन कार्ड बना दिया है। इसमें कार व पक्का मकान के मालिक और सरकारी नौकरी करने वालों तक के राशन कार्ड बन गए हैं। यह खुलासा तब हुआ जब कई कार्ड धारक स्वयं अपना कार्ड रद्द कराने डीएसओ आफिस पहुंचे। पूर्ति विभाग ने सरकार और जिला प्रशासन को इससे अवगत करा दिया है। महामारी से निपटने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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डीएसओ देवमणि मिश्रा ने बताया कि जिस समय राशन कार्ड बन रहा था उस समय ज्यादातर गरीब लोगों की पहचान कर उन्हें राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। लॉक डाउन में गरीबों को मुफ्त में राशन देने का निर्देश दिया गया। इस दौरान कई जगहों पर लोगों ने राशन कार्ड से खुद को वंचित बताया। जिस पर सरकार ने ऐसे लोगों का दोबारा राशन बनाने को कहा। अप्रैल 2020 से लेकर अब तक कुल 25 हजार नये राशन कार्ड बनाए गये हैं। इनमें ज्यादातर लोग ऐसे शामिल हो गये हैं जिनके पास पक्का मकान, कार, इनकम टैक्स भरने वाले, सरकारी नौकरी वालों को भी शामिल कर लिया गया। डीएसओ के मुताबिक यह मामला भीतब पकड़ में आया जब ज्यादातर लोग अपना राशन कार्ड स्वयं निरस्त कराने पहुंचे। जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया की लॉक डाउन समाप्त होने के बाद पुन: सर्वे कराकर अपात्रों की छंटनी की जाएगी। स्वयं सूचना देने वाले करीब एक दर्जन से अधिक लोगों का कार्ड निरस्त कर दिया गया है। जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि गड़बड़ी तहसील और ब्लाक स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से हुई है।
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