आजमगढ़। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नेतृत्व में अपनी मांगों के समर्थन में भारत बंद को लेकर कई संगठनों के कार्यकर्ता, पदाधिकारी बुधवार को कुंवर सिंह उद्यान में एकत्रित हुए। कुंवर सिंह उद्यान से जुलूस निकाला गया। जो कलेक्ट्रेट, दीवानी कचहरी, नरौली होता हुआ पुन: कलेक्ट्रेट आकर समाप्त हुआ। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
सौंपे गए ज्ञापन में भारत में जाति आधारित जनगणना कराए जाने, ईवीएम से चुनाव न कराकर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने, श्रम कानून को बहाल किए जाने, सरकारी संस्थाओं का निजीकरण बंद किए जाने, पुरानी पेंशन को बहाल किए जाने,किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून बनाए जाने, निजी क्षेत्र में एससी,ओबीसी को आरक्षण लागू किए जाने, आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन से विस्थापित किए जाने के विरोध में, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और झारखंड में पंचायत चुनाव में आरक्षण में सेपरेट इलेक्ट्रोट लागू किए जाने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार पूंजीपतियो के समर्थन में सरकारी संस्थानों का निजीकरण इनके हाथों में बेच रही है। ओबीसी,एससी,एसटी और माइनारटीके हक अधिकारों को खत्म कर रही है। बुढ़ापे का सहारा पेंशन को खत्म करके कर्मचारियों के अधिकारों को छिनने का काम किया है। किसानों के खिलाफ कृषि कानून बनाकर उनके साथ धोखा किया गया। इस मौके पर पिछड़ा मोर्चा जिला प्रभारी शैलेश यादव, राष्ट्रीय किसाने मोर्चा के जिलाध्यक्ष जय बहादुर मौर्य, भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु प्रधान, इंडियन रिसर्च स्कालर एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रभारी सिद्धांत मौर्य, गुंजा यादव, सुनीता एडवोकेट, सुबाष यादव, राजेश यादव,मनकू कुशवाहा, सुधाकर शिंदे, बहुजन मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष दुर्ग विजय यादव, लाल बहादुर त्यागी, निर्मल यादव, आनंद, कीर्ति बौद्ध, बहुजन क्र ांति मोर्चा के जिला संयोजक विजय बहादुर यादव, ओम प्रकाश सिंह सहित सैकडों कार्यकर्ता शामिल रहे।