आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका गलत तरीके से जांचने पर एक परीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की है। तीन वर्ष के लिए कापियां जांचने पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वर्ष 2020 की इंटरमीडिएट की परीक्षा में एक छात्रा ने अंग्रेजी की परीक्षा दी थी। ग्रामीण ज्ञानस्थली इंटर कालेज पल्हना के परीक्षक सुभाष चंद्र ने कापियां गलत तरीके से जांची। छात्रा की शिकायत पर बोर्ड ने जांच कराई। 28 जून को बोर्ड के समिति की बैठक में परीक्षक को दोषी पाते हुए जुर्माना लगाया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. वीके शर्मा ने बताया कि बोर्ड का आदेश मिला है।शिक्षक को बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका जांचने का काम नहीं सौंपा जाएगा और जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के गलत तरीके से मूल्यांकन का यह पहला मामला है, जिसमें परीक्षार्थी की शिकायत पर किसी परीक्षक को सजा सुनाई गई है।