आजमगढ़। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय ने मंडल के तीनों जिलों के 48 होटल संचालकों को नोटिस जारी करके ईटीपी (इंडस्ट्रीयल ट्रीटमेंट प्लांट) लगवाने की हिदायत दी है।
नदियों के बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी सख्त हो गया है। उसने नालों के पानी को शोधित करके ही नदियों में छोड़ने को कहा है। इस क्रम में एनजीटी ने होटलों से भी सख्ती बरतने को कहा है क्योंकि उनके यहां से हजारों लीटर अशुद्ध जल निकलता है और नालों के जरिए सीधे नदियों में गिरता है। इसे देखते हुए एनजीटी ने होटलों में ईटीपी का प्रबंध कराने का निर्देश दिया है। एनजीटी के निर्देश को देखते हुए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय ने 48 होटल संचालकों को नोटिस जारी किया है, जिसमें आजमगढ़ के 20, मऊ के 13 और बलिया के 15 होटल शामिल हैं।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय के नोटिस को लेकर होटल संचालक परेशान हैं क्योंकि नगर क्षेत्र के कई होटल काफी पुराने हैं। उनके पास इतनी जगह ही नहीं है कि वे ईटीपी बनवा सकें। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह का कहना है कि नदियों के प्रदूषण को लेकर एनजीटी सख्त है। ऐसे में होटलों को अपने यहां के गंदे पानी का शोधन करना ही होगा।