अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे अभिभावकों की जेब पर इस बार बच्चों की पढ़ाई ने बोझ और बढ़ा दिया है। नए सत्र में कॉपी किताबों के साथ स्कूल ड्रेस की कीमतों में 20 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
स्कूली बैग पर ही सौ से डेढ़ सौ रुपये तक बढ़ गए। फुटवियर पर जीएसटी दर पांच से 12 फीसदी होने के बाद स्कूल शूज की कीमतों में 150 रुपये तक का इजाफा हुआ है। जब कॉपी किताबों और स्कूल ड्रेस की दुकानों पर जाकर हाल जाना गया तो अभिभावकों का दर्द सामने आया। अधिकतर अभिभावकों का कहना है कि कोर्स में हर बार कुछ किताबें महंगे प्रकाशक की जोड़ दी जाती हैं। इस कारण जो किताब बाजार में 200 रुपये तक मिल सकती है, वो 400 से 450 रुपये में मिलती है। वहीं स्कूली बैग के भी दाम बढ़ गए हैं। ड्रेस भी महंगे हो गए हैं। ऐसे में पढ़ाई महंगी होती जा रही है। जिससे अभिभावकों पर बोझ बढ़ता जा रहा है।