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मोहर्रम के इस्तकबाल में इमामबाड़ा व अजाखाना सज कर तैयार

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सरायमीर। कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन की शहादत के महीने मोहर्रम की तैयारियां कस्बा सरायमीर व ग्रामीण क्षेत्रों मे पूरी हो चुकी हैं। मोहर्रम के इस्तकबाल में इमामबाड़ों व अजाखानों को सजाया गया है।
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वहीं मकानों के छतों पर व सड़क के किनारे गम के प्रतीक काले झंडे लगाए जा रहे हैं। इमाम चौक के रंगाई पुताई का काम भी लगभग पूरा हो चुका है।
वहीं, मजलिस को संबोधित करने के लिए दर्जनों की तादाद में मौलाना लोग भी आ चुके हैं। चांद के निकलते ही शिया समुदाय की महिलाओं ने अपने बुंदे, बालियां व चूड़ियों को भी शहीदाने करबला के शोक में त्याग कर दिया है। ग़म के प्रतीक काले कपड़े में पुरुष, महिलाएं व बच्चे देर रात तक क्रमवार इमामबाड़ों में मजलिस करते हुए नजर आए। मातम व या हुसैन की सदाओं से माहौल सोगवार हो गया है। शिया कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद कायम रजा ने धर्मगुरूओं की हिदायत व प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार ही ताजियादारों से प्रोग्राम करने की अपील की है।
मोहर्रम का जुलूस स्थगित
सरायमीर। शिया कमेटी के मीडिया इंचार्ज सैय्यद मोहम्मद हुसैन ने बताया कि इमाम हुसैन मोहर्रम को करबला पहुंचे थे। उसी कि याद में मोहल्ला सिरादी का पूरा स्थित इमामबाड़ा अजाखाना जहरा से निकलने वाला जुलूस जो रौजा मीरअली आशिकान व पुराना थाना होते हुए चौक स्थित इमामबाड़ा तस्कीने जैनब में पहुंचकर समाप्त होता था। इस साल कोविड 19 को देखते हुए जुलूस की अनुमति न होने की वजह से स्थगित किया गया है।
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