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सरकारी डेंगू वार्ड में लगा ताला, प्राइवेट ओपीडी में भीड़

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आजमगढ़। बरसात के साथ ही मौसमी बिमारियों ने जहां अपने पांच पसारे हैं वहीं डेंगू और मलेरिया भी अपना पांव पसारने लगा है। शासन के निर्देश पर मंडलीय अस्पताल में डेंगू वार्ड तो बना दिया गया लेकिन मंगलवार को उसमें ताला बंद नजर आया। जबकि प्राइवेट चिकित्सकों की ओपीडी में डेंगू पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं।
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पहले कोरोना ने मारा अब डेंगू और मलेरिया का प्रकोप चल रहा है। मौसमी बिमारियां भी अपने पांव पसार रही हैं। शायद कोई ऐसा घर हो जिसमें सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीज न हों। डेंगू और मलेरिया को लेकर शासन पहले ही अलर्ट पर है। उसकी ओर से स्वास्थ्य महकमे को प्रचुर मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अस्पतालों में डेंगू वार्ड अलग से बनाने का निर्देश दिया गया है। जिसके क्रम में मंडलीय अस्पताल में 12 बेड के डेंगू वार्ड का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन अभी तक यहां एक भी मरीज भर्ती नहीं हैं। मंगलवार को मंडलीय अस्पताल के डेंगू वार्ड में ताला लटका हुआ मिला। अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो जिला अस्पताल में अभी इस तरह के मरीज नहीं आ रहे हैं। अस्पताल सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज आ रहे हैं। वहीं प्राइवेट चिकित्सकों की मानें तो उनकी ओपीडी प्रतिदिन दो-चार मरीज डेंगू और मलेरिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। हालांकि मंडलीय अस्पताल में इनके इलाज में प्रयुक्त होने वाली दवाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। डॉ पंकज राय ने बताया कि वर्तमान में 15 से 20 की संख्या में सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इनमें दो-चार मरीज डेंगू और मलेरिया से पीड़ित आ रहे हैं। वर्तमान में मौसमी बिमारियों से ग्रसित लोग ज्यादा आ रहे हैं। हालांकि मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ एके सिंह का कहना है कि हमारी ओपीडी में इस समय सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। लेकिन इनमें डेंगू और मलेरिया के मरीज नहीं हैं।
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