देवारा क्षेत्र के सोनौरा में नाव से स्कूल जाते बच्चें।
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में कमी आ गई है। लेकिन जिन गांवों में बाढ़ का पानी लगा था उन गांवों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। गांव के लोग क्लोरीन की गोली के अभाव में दूषित पानी पीने को विवश है। एक महीने में एक परिवार को मात्र चार गोली क्लोरीन ही मिल सकी है। वहीं कई गांवों में अब तक पानी हटने के बाद भी लोगों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए थे। जिसमें साहडीह गांव के मल्लाह बस्ती के 45 घर, दलित बस्ती के 35 घर, यादव बस्ती के 10 घर कुल 90 घर हैं। जो आज भी पानी से घिरे हैं। इनके लिए मात्र एक साहडीह रिंग बाध है। जिसके दक्षिण तरफ आबादी है। उसके बाद महुला गढ़वल बांध है। महुला गझ़वल बांध और साहडीह रिंग बांध के बीच में यह 90 घर के करीब 500 से 600 की आबादी रह रही है। आबादी के पास गड्ढे में सड़ा हुआ पानी जमा है। इस पानी से दुर्गंध आ रही है। दुर्गंध आने से बीमारी फैलने की आशंका है। गांव के लोगों में अभी तक पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोली का वितरण नहीं किया गया है। एक माह में एक परिवार को मात्र चार गोली क्लोरीन ही मिल सकी है। जिसके कारण लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं।