आजमगढ़। फर्जी डाक्यूमेंट पर एक साथ दो-दो विद्यालयों पर नौकरी करते हुए सरकारी वेतन आहरित करने के मामले में जिले में तैनात शिक्षिका पर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रभारी बीएसए ने वार्डेन पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने के साथ ही रिकवरी की नोटिस भी जारी कर दिया दी है। मंगलवार को खंड शिक्षाधिकारी वार्डेन के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराएंगे।
गोंडा के अनामिका शुक्ला के तर्ज पर एक साथ कई जगहों पर नौकरी करते हुए वेतन आहरित करने वाली एक शिक्षिका प्रीति आजमगढ़ में भी मिली है। प्रीति के डाक्यूमेंट पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय पवई पर बतौर वार्डेन तैनात महिला ने जिन दस्तावेज का इस्तेमाल अपनी नियुक्ति में किया था उसी डॉक्यूमेंट पर वह जौनपुर जिले में भी तैनात थी। जबकि जो डॉक्यूमेंट नियुक्तियों में प्रयुक्त हुए हैं वह किसी और के हैं। इस फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर प्रभारी बीएसए अमरनाथ राय अपने स्तर से जांच में जुट गए थे। बीते आठ जून को वार्डेन के खाते में तीन माह का मानदेय भेजा गया था लेकिन फर्जीवाड़ा सामने आते ही वेतन निकासी पर रोक लगा दी गई। प्रभारी बीएसए ने बताया कि वार्डेन नौ जून को विद्यालय आई थी और अपना सामान आदि लेकर फरार हो गई। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया जा चुका है। मंगलवार को खंड शिक्षाधिकारी मुकदमा पंजीकृत करा देंगे। इसके साथ ही वार्डेन द्वारा फर्जी नियुक्ति प्राप्त कर मानदेय के रूप में आहरित किए गए धनराशि की रिकवरी का भी आदेश दे दिया गया है।