लाख कवायद के बाद भी बिजली चोरी पर लगाम नहीं लग सका है। जिसे देखते हुए पावर कार्पोरेशन ने अभियंताओं की नकेल कसने की रणनीति बना ली है। जिस क्षेत्र में चोरी अधिक होगी उस क्षेत्र के अभियंताओं की वेतनवृद्धि व प्रमोशन रोक दी जाएगी। कार्पोरेशन के इस निर्णय से जिले के अभियंताओं में हड़कंप मच गया है। जिले स्तर पर बिजली की चोरी पर लगाम लगाने की रणनीति बनाई जाने लगी है।
लाइन लॉस (बिजली चोरी) व लक्ष्य से कम राजस्व वसूली ने बिजली महकमे की परेशानी को बढ़ा दिया है। पावर कार्पोरेशन के साथ ही शासन भी लगातार बिजली की चोरी रोकने व राजस्व वसूली को तेज करने को लेकर दिशा-निर्देश दे रहा है। इसके बाद भी बिजली की चोरी नहीं रुक रही है और लक्ष्य के अनुरूप राजस्व की वसूली में भी महकमे के जिम्मेदार फेल ही साबित हो रहे हैं। जिसे देखते हुए पावर कार्पोरेशन ने अब अभियंताओं की नकेल कसने की रणनीति बना चुका है। इसके तहत सहायक अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिस क्षेत्र में बिजली की चोरी ज्यादा होगी और लक्ष्य के अनुरूप राजस्व की वसूली नहीं होगी, उस क्षेत्र के जेई से लेकर एसडीओ, एक्सईएन व मुख्य अभियंता तक के वेतनवृद्धि व प्रमोशन पर रोक लगेगी। कार्पोरेशन के इस निर्देश के बाद जिले के अभियंताओं में हड़कंप मच गया है। जिले स्तर पर बिजली चोरी पर लगाम लगाने की कवायद में महकमा जुट गया है। वहीं राजस्व की वसूली के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।