इस वर्ष ऑर्डर काफी मिला है जिसे हम लोग पूरा करने में जुटे हुए हैं। सभी कारोबारियों को मिलाकर अब तक लगभग एक करोड़ रुपये का आर्डर मिल चुका है। हमारे यहां गोल्डन, कॉइन दीया, ओरिएंटल दीया, देजी दीया, झूमर दीया, कटिंग दीया और सदा दीया तैयार होता है। जो यहां से सीधे मुंबई भेजा जाएगा वहां से वह ट्रांसपोर्ट के जरिए अमेरिका और साउथ अफ्रीका जाएगा। इस वर्ष जी-20 सम्मेलन के बाद हम लोगों को लंबा ऑर्डर मिट्टी के बर्तन का मिला है। इस समय सबसे ज्यादा मांग 12 किस्म की दीयों की हो रही है। जिसमें झूमर दीया, सादा दीया, स्टैंड दीया, कटिंग दीया, चांदनी दीया, गोल्डन कॉइन दीया, ओरिएंटल दीया, सदा दीया, जीरो दीया, नंबर वन मटकी दीया मुख्य हैं। सबसे ज्यादा बिकने वाली दिया गोल्डन, ओरिएंटल, सदा और मटकी दिया है
यहां नहीं है पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट की सुविधा
महेंद्र प्रजापति ने बताया कि निजामाबाद में ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण हमें अपने दीयों की जो कीमत मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पाती है। हम लोग मुंबई, नागपुर, अहमदाबाद आदि जगहों से मिले आर्डरों को पूरा कर भेजते हैं। उनके द्वारा मनमाने रेट पर दूसरे देशों में उनकी सप्लाई की जाती है। लेकिन हमें उसका मामूली अंश ही मिल पाता है। अगर निजामाबाद में भी पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था हाेती तो हमें अपनी मेहनत की पूरी कीमत मिलती।