जिले में डायरिया से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। अब तक डायरिया से एक भी मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने नहीं की है। राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए कुछ मरीजों को हायर सेंटर रेफर किए जाने की बात भी सामने आई लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
कस्बे के पुरारानी मुहल्ला निवासिनी 50 वर्षीय जरीना पत्नी मंजूर डायरिया के कारण राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी। इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। डायरिया से छठवें मौत की सूचना कस्बे में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। मृतका पांच पुत्र व दो पुत्रियों की मां थी।
नगर पालिका मुबारकपुर क्षेत्र में फैली डायरिया को नियंत्रित करने की सारी कवायद फिलहाल फेल ही नजर आ रही है। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे तक प्रभावितों की संख्या चार सौ के आंकड़े को पार कर चुकी थी। वहीं 250 से ज्यादा मरीज जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर किए जा चुके थे।
कस्बे में डायरिया को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। हर कोई नगरपालिका प्रशासन को इसके लिए कोसता नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि नपा प्रशासन पूर्व की गलती नहीं दोहराता तो शायद डायरिया का प्रकोप न फैला होता।
कस्बे के दो मुहल्लों में डायरिया के फैलने के बाद से ही स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। विभिन्न सीएचसी-पीएचसी के डॉक्टरों व कर्मियों की यहां ड्यूटी लगा दी गई है तो वहीं कस्बे में जगह-जगह एंबुलेंस भी इमरजेंसी के लिए खड़ा करा दिए गए है। इसके साथ ही महकमा क्लोरिन की गोली, ओआरएस के पैकेट व अन्य जरूरी दवाओं की किट घर-घर वितरित कर रहा है।
ज्वाइंट डायरेक्टर संचारी रोग उत्तर प्रदेश डॉ. पंकज सक्सेना बृहस्पतिवार को मुबारकपुर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ ही नपा व स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान उन्होंने नपा के जलकल विभाग से लोगों ने पानी के क्लोरिनेशन, नाले-नालियों की साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, ओवरहेड टैंक आदि के बारे में भी पूछताछ की। मिनी ट्यूबवेल की स्थिति आदि भी उन्होंने नपा के लोगों से जानकारी ली। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के लोगों से उन्होंने प्रभावितों के इलाज के बाबत जानकारी ली।