सरायमीर थाना के कौरा गहनी में गिरा मोहम्मद यासिर का कच्चा मकान।
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आजमगढ़। तीन दिनों से हो रही बरसात ने पुराने कच्चे मकानों के अस्तित्व पर संकट पैदा कर दिया है। बृहस्पतिवार की रात बरसात में 30 से ज्यादा मकान गिर गए। मलबे के नीचे दबकर तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 10 से ज्यादा मवेशी मारे गए हैं। कई परिवारों की पूरी गृहस्थी ही तबाह हो गई है।
शहर कोतवाली के छोट हरैया गांव में बृहस्पतिवार की रात दो बजे कच्चे मकान की दीवार गिर जाने से मलबे में दब कर चांदनी (7) पुत्री पप्पू राम की मौत हो गई। वहीं, जहानागंज थाना क्षेत्र के गोधौरा गांव निवासी तुफैल (60) और अतरौलिया क्षेत्र के परमेश्वरपुर नरियाव गांव में मोती लाल (56) की कच्चे मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर मौत हो गई।
महराजगंज थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव में शुक्रवार की सुबह टीनशेड से बना मकान गिर गया। उसके नीचे दबकर रामप्यारे यादव (56), तीन वर्षीय बबलू व राजू यादव की पत्नी घायल हो गए। भूसा व गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया है। रानी की सराय क्षेत्र के हेमजापुर गांव के रामनरायन (60) का कच्चा मकान गिर गया, जिसके नीचे वे दब गए। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकला। उनके दो मवेशियों की मलबे में दब कर मौत हो गई।
बढ़या गांव निवासी बरजू, रामजनम व छोटू तथा ऊंजी गांव की कुमारी का कच्चा मकान भी बरसात में धराशायी हो गया। मेंहनगर के शिवरामपुर निवासी सतिराम, खरगपुर निवासी नागेश राम का कच्चा मकान गिरने से पूरी गृहस्थी ही नष्ट हो गई है। तहबरपुर क्षेत्र के गजयपुर गांव में एक कच्चा मकान गिरने से गृहस्थी बर्बाद हो गई। सरायमीर के कौरागहनी गांव निवासी मो. यासिर का कच्चा मकान शुक्रवार की भोर में गिर गया। बिंद्रा बाजार के अनुसार रानीपुर रजमो गांव की मनदेई का कच्चा मकान गिरने से पूरा परिवार खुले में रहने को विवश है।