आजमगढ़। जेल परिसर में बने सरकारी आवास में घुसकर 22 जनवरी की रात बंदी रक्षक को गोली मारने वाले एक बदमाश मुकेश राजभर को पुलिस ने 26 जनवरी की रात मुठभेड़ में ढेर कर दिया। जबकि 50 हजार रुपये का इनामी उसका साथी अखिलेश यादव अभी भी फरार है। अखिलेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कुल चार टीमों का गठन किया है। सर्विलांस टीम की मदद से उसका लोकेशन लेकर पुलिस गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
अखिलेश यादव गंभीरपुर थाना क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर गांव का निवासी है। वह जेल में निरुद्ध रौनापार थाना क्षेत्र के रहने वाले बदमाश धर्मेंद्र के इशारे पर 22 जनवरी की रात जेल परिसर में बने सरकारी आवास में घुसकर बंदी रक्षक मानसिंह यादव को गोली मार दी। सघन इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। उधर इस घटना के बाद पुलिस जेल की सघन तलाशी लेकर 18 मोबाइल और पांच सिमकार्ड बरामद की। मोबाइल के काल डिटेल के जरिए पता चला कि बंदी रक्षक को गोली मारने के लिए जेल से धर्मेंद्र ने कहा था। पुलिस सर्विलांस के जरिए धर्मेंद्र और पवई थाने के मुतकल्लीपुर गांव निवासी मुकेश राजभर और अखिलेश यादव की बातचीत होने की पुष्टि कर उनकी तलाश में जुट गई। 26 जनवरी की रात अखिलेश यादव एसओ गंभीरपुर प्रदीप चौधरी पर फायर कर फरार हो गया। बदमाश की तलाशी के दौरान पुुलिस ने मुठभेड़ में मुकेश राजभर को ढेर कर दिया। जबकि अखिलेश यादव अभी भी फरार है। अखिलेश की गिरफ्तारी के लिए एसपी अजय कुमार साहनी की तरफ से सीओ सिटी के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया है। सर्विलांस सेल की मदद से पुलिस अखिलेश का लोकेशन लेकर उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
50 हजार के इनामी बदमाश अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के लिए कुल चार टीमों का गठन किया गया है। लोकेशन मिलने पर दबिश दी जा रही है। अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। तलाश जारी है। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण