आजमगढ़। एक फरवरी की शाम जेल में निरुद्ध बंदी विनोद कुमार के फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में डीआईजी जेल गोरखपुर रेंज के निर्देश पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक अंब्रीश गोंड़ ने लापरवाही के आरोप में बंदी रक्षक संतोष सिंह को गुरुवार को निलंबित कर दिया। जबक़ि बंदी रक्षक चित्रसेन सिंह, हेडवार्डन महेंद्र राम और शिवप्रसाद के विरुद्ध चार्जशीट मिलने पर जांच का निर्देश दिया है। जांच में इनका दोष पाए जाने पर इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से जेल कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
डीआईजी जेल गोरखपुर रेंज यादुवेंद्र शुक्ला के निर्देश पर जेल अधीक्षक आजमगढ़ अनिल कुमार गौतम की तरफ से कार्रवाई के लिए वाराणसी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक अंब्रीश गोंड़ को रिपोर्ट भेजी गई थी। जेल अधीक्षक आजमगढ़ की तरफ से भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक भोजनालय में बंदियों की देखरेख के लिए बंदी रक्षक संतोष सिंह की ड्यूटी लगी थी। जबकि दूसरे बंदी रक्षक चित्रसेन सिंह उसके सहयोग में था। इसके अलावा जेल हेडवार्डन महेंद्र राम और शिवप्रसाद की भी बंदियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी थी। बावजूद इसके यह चारो कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति सचेत नहीं थे। जिसका परिणाम रहा कि बंदी विनोद राम सबको चकमा देकर भोजनालय से निकला और बैरक के दूसरी मंजिल पर जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। भोजनालय के बंदियों की देखरेख के लिए संतोष सिंह को लगाया गया था। इसलिए उसे निलंबित कर दिया गया। जबकि ड्यूटी के दौरान अन्य तीनों की लापरवाही उजागर होने पर इनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार हुआ। बंदी रक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक को पावर है। वाराणसी जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अंब्रीश गोंड़ आजमगढ़ जेल के प्रभारी हैं। इसलिए जेल अधीक्षक की तरफ से वाराणसी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को पत्र भेजा गया था। गुरुवार को उन्होंने बंदी रक्षक संतोष सिंह को निलंबित कर दिया। जबकि अन्य तीनों के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
जेलर और जेल अधीक्षक के विरुद्ध भेजी गई रिपोर्ट
आजमगढ़। एक फरवरी की शाम जेल में निरुद्ध बंदी विनोद राम ने जिस समय बैरक की छत पर फांसी लगाकर आत्महत्या किया। उस समय जेलर एसके पांडेय और जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम दोनों लोग बगैर किसी सक्षम अधिकारी को सूचना दिए ही जेल से नदारद रहे। इसलिए इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीआईजी जेल की तरफ से आईजी जेल को रिपोर्ट भेज दी गई। जल्द ही इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही के आरोप में बंदी रक्षक संतोष सिंह को निलंबित और चित्रसेन, महेंद्र राम, शिवप्रकाश के विरुद्ध जांच शुरू कर दी गई है। आरोप साबित होने पर इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जेलर और जेल अधीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आईजी जेल के रिपोर्ट भेजी गई। - यादुवेंद्र शुक्ला, डीआईजी जेल, गोरखपुर रेंजआशीष तिवारी