उन्होंने कहा कि आठ महीने में यह सरकार जाने वाली है। एक-एक दोषी से चुन-चुन कर हिसाब किया जाएगा। अब पुलिस की गुंडागर्दी चलने वाली नहीं है। पीड़ित परिवारों पर लगे मुकदमों को हटाने, दोषी पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज करने, परिवार को पांच करोड़ का मुआवजा दिए जाने, सक्षम कोर्ट में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करनेे तथा दोषियों को सस्पेंड कर जेल भेजने की मांग की।
कहा कि यदि सात दिन के अंदर मांग पूरी नहीं हुई तो इस पलिया गांव में महापंचायत की जाएगी। इसके बाद गांव में बड़ा आंदोलन होगा। जनपद को पूरी तरह से जाम कर दिया जाएगा। एहसान खान प्रदेश प्रवक्ता आजाद समाज पार्टी, जनार्दन एडवोकेट विधिक सलाहकार, धर्मवीर भारती पूर्व जिलाध्यक्ष, शैलेश कुमार एडवोकेट, राजेंद्र गौतम, विपिन रावत, राजू शास्त्री, अरविंद राणा, दुष्यंत निराला आदि उपस्थित थे।
पलिया से लौटकर चंद्रशेखर साइकिल चलाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मेहता पार्क में कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि आठ महीने भूख, प्यास, घर, द्वार सबकुछ भूल जाओ। हमारे साथ फोटो खिंचवाने से कुछ नहीं होगा। सड़क पर काम करो और भीम आर्मी को मजबूत बनाओ।
प्रशासन नेे चंद्रशेखर के कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी थी। ऐसे में शहर के बेलइसा से लेकर कलेक्ट्रेट तक और पलिया गांव में भी भारी मात्रा में फोर्स की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद चंद्रशेखर गांव पहुंचने में कामयाब रहे।