श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से अयोध्या का रंग रूप बदला जा रहा है। रामलला की जन्मभूमि, राम से जुड़े अन्य धार्मिक स्थलों के साथ पूरे अयोध्या शहर में मूलभूत ढांचे का विकास किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन, सड़कों का चौड़ीकरण, आध्यात्मिक ध्यान केंद्रों, होटलों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के साथ भगवान राम के जन्मस्थल को आधुनिक त्रेतायुग की अयोध्या के रूप में पेश करने की तैयारी है। यूपी सरकार का दावा है कि इससे अयोध्या का न केवल आध्यात्मिक विकास होगा, बल्कि यहां रोजगार के भारी अवसर भी पैदा होंगे। लेकिन इसी विकास के दावों के बीच अयोध्या के 20 हजार से ज्यादा परिवारों के हमेशा-हमेशा के लिए उजड़ने का खतरा भी पैदा हो गया है जो रामनगरी में कई पीढ़ियों से रहते चले आए हैं।
दरअसल, सरकार की योजना है कि शुरुआती दौर में ही अयोध्या में रोजाना कम से कम एक लाख देशी-विदेशी धार्मिक पर्यटक आएं। इतनी भारी संख्या में पर्यटकों के आने-जाने के लिए अयोध्या की सड़कों को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है। सरयू घाट राम की पैड़ी से अयोध्या रेलवे स्टेशन के लिए जाने वाले मुख्य मार्ग को चौड़ाकर 45 फीट तक किए जाने की योजना है। इसी तरह इस मुख्य मार्ग से हनुमानगढ़ी और दशरथ महल होते हुए भगवान राम के जन्मस्थल तक जाने वाले मुख्य मार्ग की चौड़ाई भी बढ़ाई जा रही है।
विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला से कहा कि भगवान राम का आदर्श रहा है कि उनके राज्य में समाज के सबसे निचले स्तर के अंतिम व्यक्ति को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अयोध्या के विकास के दौरान भी राममंदिर ट्रस्ट ने इसी भावना के अनुरूप काम किया है। सड़कों के विकास में जिन लोगों की दुकानें-भवन लिए जा रहे हैं, उन्हें बाजार मूल्य से कई गुना ज्यादा बढ़ाकर मुआवजा दिया जा चुका है। वे इन पैसों से अपने लिए किसी भी अच्छी जगह पर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इसके बाद भी, यदि कोई व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए कर्ज लेना चाहे तो उसे बेहद सस्ती दरों पर कर्ज उपलब्ध कराया जा रहा है।
डॉ. सुरेंद्र जैन ने बताया कि भगवान राम के जन्मस्थान के मूल मंदिर के विकास का क्षेत्र बढ़ा दिया गया है। इसके कारण आसपास के कई भवनों को इसके अंदर लेना पड़ रहा है। लेकिन इसके लिए उन सभी परिवारों से सहमति लेकर, उन्हें बाजार मूल्य से कई गुना मुआवजा देकर, इन जगहों पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके साथ ही, जिन लोगों के घरों को लिया जा रहा है, जिला प्रशासन के द्वारा उनकी मनचाही जगह पर उन्हें आवास भी उपलब्ध कराया जा रहा है।