बिधूना (औरैया)। कस्बे के पुराने महिला अस्पताल में बन रहे 50 शय्या नेत्र चिकित्सालय का संचालन सपना बनकर रह गया है। नेत्र रोगियों के बेहतर इलाज के लिए सपा शासन में इसका निर्माण शुरू हुआ था और आठ सितंबर 2016 को इसका शिलान्यास किया गया। लेकिन सरकार बदलने के बाद निजाम बदल गए। हालात यह है कि पांच वर्ष बीतने के बाद भी कई काम अधूरे पड़े हैं। इसे हैंडओवर ही नहीं किया गया है। उपकरण के लिए आया लाखों का बजट भी वापस कर दिया गया है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 50 शय्या नेत्र चिकित्सालय को ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया था। 6.96 करोड़ रुपये जारी कर डॉ. राममनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय के निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी संघ को दिया गया था।लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी आंखों का अस्पताल लोगों के लिए दूर है। लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें आंख की जांच के लिए चित्रकूट, लखनऊ, कानपुर, ग्वालियर समेत अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार इसके संचालन पर गंभीर नहीं दिख रही है।
उपकरणों की खरीद का बजट वापस
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल की साज सज्जा और उपकरणों की खरीद के लिए मार्च में 21,82640 रुपये का बजट मिला था। अस्पताल हैंडओवर न होने के कारण उपकरण नहीं खरीदे गए। यदि उपकरण खरीदे जाते तो उनका रखखाव नहीं हो पाता और अस्पताल चालू भी नहीं हुआ था। इसलिए 12 मार्च को संयुक्त निदेशक (नेत्र उपचार) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय को पत्र भेजकर आवंटित धनराशि वापस कर दी गई।
सपा की उपलब्धियां गिना रही भाजपा
सपा जिलाध्यक्ष राजवीर यादव ने कहा कि अखिलेश यादव ने जिले के लोगों को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल दिया। भाजपा नहीं चाहती है कि सपा की योजनाओं को पंख लगें। भाजपा सपा की उपलब्धियों को गिना रही है।
और कितना इंतजार
दिनेश सिंह ने बताया कि अस्पताल खुलने से खुशी थी, लेकिन सपने अभी अधूरे हैं। लोगों को आंखों के अच्छे इलाज के लिए दूर दराज जाना पड़ता है। अस्पताल के लिए कितना इंतजार करना होगा, पता नहीं।
जल्द शुरू हो अस्पताल
राजू सेंगर ने कहा कि अस्पताल चालू होने से क्षेत्र की जनता को अच्छा इलाज मिलेगा। सरकार को चाहिए कि जल्द अस्पताल का संचालन कराए।
नेत्र अस्पताल का काम लगभग पूरा है। कुछ खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। देर से बजट मिलने के कारण काम धीमा रहा। जल्द ही इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया जाएगा। - संदीप कुमार, एई निर्माण संस्था