अजीतमल (औरैया)। यमुना में आई बाढ़ से जिले के करीब 24 गांव प्रभावित हुए। किसी का घर गिरा तो गृहस्थी भी बर्बाद हो गई। मवेशियों की भी मौत हुई। हालात सामान्य होने पर लोग घर लौटे तो प्रशासन ने सर्वे कराना शुरू कर दिया है। अजीतमल तहसील के नौ गांवों में अब तक 535 घर आंशिक रूप से प्रभावित बताए गए हैं। तहसील प्रशासन इनकी रिपोर्ट तैयार कर अब शासन और उच्चाधिकारियों को भेज रहा है। ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द मदद मिल सके। पर सवाल ये भी उठता है कि जो बेघर हो गए हैं क्या वह आंशिक रूप से प्रभावित हैं।
यमुना में आई बाढ़ ने कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया था। अजीतमल और सदर तहसील के 24 गांवों ने तबाही का मंजर देखा। इन गांवों में रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। स्थिति सामान्य होने के करीब 10 दिन बाद जब ग्रामीण घरों में पहुुंचे तो उनके सामने तबाही का मंजर था। कुछ के घरों का नामोनिशान नहीं था तो कुछ के कच्चे मकान और झोपड़ी धराशायी नजर आई। हर कोई सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा था।
मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक आए दौरा भी किया और मदद का आश्वासन दे गए। लेकिन अभी तक ठोस मदद नहीं मिल सकी। इधर तहसील प्रशासन द्वारा कराया जा रहा सर्वे भी लोगों के गले नहीं उतर रहा है। तहसील प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट की बात करें तो अजीतमल तहसील में अब तक नौ गांवों में 535 घर और 7498 लोग प्रभावित होना बताया गए हैं। सर्वे के मुताबिक पशु और जनहानि नहीं हुई है। प्रशासन आंशिक प्रभाव बता रहा है।
इन गांवों में इतने घर प्रभावित
फरिहा-35, गोहारीकला-30, सिकरोड़ी-160, जूहीखा-28, बीजलपुर-97, असेवा-55, बड़ेरा-51, असेवटा-15, गूंज-64
जिन गांवों में सर्वे कराया गया है, वहां अब तक जनहानि और पशु हानि की बात सामने नहीं आई है। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों के साथ ही मुआवजे के लिए एक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिससे बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को जल्द मुआवजा मिल सके। - विजेता, एसडीएम अजीतमल