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साहब अभी जिंदा हूं सचिव ने मृत दिखा रोक दी पेंशन

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औरैया। साहब अभी मैं जिंदा हूं... पंचायत सचिव ने जिंदा होते हुए मृत दिखाकर पेंशन बंद करवा दी। पेंशन के लिए तीन साल से भटक रहा हूं, कोई सुनवाई नहीं हो रही। पेंशन दिला दो साहब। यह बातें फरियादी ने जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान में डीएम के सामने कही। जिसे सुन अफसर दंग रह गए। डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को तत्काल जांच कर पीड़िक की पेंशन शुरू कराने के निर्देश दिए। तीनों तहसीलों में 280 शिकायतें दर्ज हुई। जिसमें 32 का मौके पर निस्तारण कराया गया।
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जिले की तीनों तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। बिधूना तहसील में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस डीएम व एसपी की अध्यक्षता में हुआ। डीएम सुनील कुमार वर्मा और एसपी अभिषेक वर्मा ने फरियादियों की समस्याओं को सुना। यहां पर 147 में से 23 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। नगर पंचायत के सभासदों ने परिवार रजिस्ट्रार को शपथ पत्र के आधार पर दिलाने गुहार लगाई गई। अधिवक्ताओं ने आदेश के दो साल बीत जाने के बाद खतौनी में फीडिंग न होने, पत्रावली खोने, लेखपालों द्वारा समय से दाखिल खारिज के पत्रावलियों पर रिपोर्ट न लगने की शिकायतें दर्ज कराई। डीएम ने टीम बनाकर समस्या का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
इस मौके सीएमओ डा. अर्चना श्रीवास्तव, एसडीएम रामअवतार वर्मा, तहसीलदार करम सिंह, सीओ महेंद्र प्रताप सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। औरैया तहसील में सीडीओ अनिल कुमार ने शिकायतें सुनी। यहां पर 68 में से चार शिकायतों का निस्तारण किया गया। अजीतमल तहसील में एडीएम रेखा एस चौहान ने फरियादियों की शिकायतें सुनी। इसमें 65 में से पांच शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया।
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अछल्दा ब्लाक क्षेत्र के मोहम्मदाबाद निवासी 70 वर्षीय शिवशंकर ने डीएम को बताया कि वह जिंदा हैं, इसके बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारी ने अभिलेखों में उन्हें मृत दिखा दिया। इससे उनकी वृद्धा पेंशन बंद हो गई है। तीन साल से वह समाज कल्याण विभाग, ग्राम प्रधान, सचिव से लेकर तहसील में अफसरों से गुहार लगा चुकें हैं। उसकी किसी ने आज तक नहीं सुनी। कई वर्षों से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
नल्हूपुर निवासी प्रेमा देवी ने बताया कि वह पिछले चार संपूर्ण समाधान दिवस से शिकायत कर रहे हैं। उनकी उनकी 2020 में वारिसान प्रमाण पत्र बनवाये जाने रिपोर्ट लग जाने के बाद से अभी तक वारिसान प्रमाण पत्र नहीं मिल सका। वह लगातार लेखपाल व राजस्व निरीक्षक के चक्कर काट रहीं हैं।
बिधूना रामगढ मार्ग पर चलने वाले 23 आटो चालाकों ने एसपी को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि प्राइवेट बस मालिक द्वारा उन्हें आटो चलाने से रोकते है। इसकी कई बार थाना और समाधान दिवस में शिकायतें की गई। लेकिन आज तक उनकी समस्या का निस्तारण नहीं कराया गया। इससे उनके सामने परिवार के गुजर बसर की समस्या है।
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