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कम खरीद पर पीसीएफ प्रबंधक को चेतावनी

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औरैया। धान खरीद की नोडल अधिकारी व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने शनिवार को अजीतमल क्षेत्र के दो क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। बारदाना के अभाव में खरीद न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के बाद धान खरीद की समीक्षा के दौरान पीसीएफ में अब तक मात्र 2.59 फीसदी खरीद होने पर प्रबंधक को चेतावनी देते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही धान खरीद में लापरवाही करने वाले केंद्र प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी
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अपर जिलाधिकारी रेखाएस चौहान ने तहसील दिवस के बाद अजीतमल क्षेत्र के चंदनापुर दयाल सिंह व भीखेपुर क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों केंद्रों पर बोरे के अभाव में खरीद न होने जानकारी दी गई। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारियों को तत्काल बोरों को इंतजाम करने के निर्देश कर खरीद शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के
बाद अपर जिलाधिकारी ने क्रय एजेंसियों के अधिकारियों के साथ धान खरीद की समीक्षा की। जिसमें पीसीएफ के 16 केंद्रों पर मात्र 274.71 मीट्रिक टन धान की खरीद होने पर पीसीएफ प्रबंधक को फटकार लगाई। यूपीएसएस का भुगतान में विलंब होने पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही लंबित भुगतान के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी सुधांशू शेखर चौबे मौजूद रहे।
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इस साल धान खरीद की रफ्तार जोड़ नहीं पकड़ पा रही है। शासन से 65400 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी 2379 किसानों से 14065.60 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। जबकि 2728.73 लाख के सापेक्ष 1634 किसानों का 1808.14 लाख का भुगतान हो चुका है।
अजीतमल (औरैया)। धान खरीद केंद्रों पर डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी अव्यवस्थाएं हावी है। अजीतमल के बिलावा गांव के किसान ने टोकन मिलने के बाद भी धान न खरीदे जाने की एडीएम से शिकायत की है। एडीएम ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
बिलावा गांव निवासी गोविंद कुमार ने एडीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि बाबरपुर स्थित क्रय केंद्र से उसे टोकन दिया गया था। धान बिक्री करने के लिए जब नंबर आया तो उसकी धान नहीं खरीदी गई। आरोप लगाया है कि बिचौलियों की ओर से लाए जाने वाले धान को खरीदा जा रहा है। किसान ने आरोप लगाया है कि बिलावा मौजा के ही एक किसान के खेत में धान की फसल नहीं थी। इसके बाद भी बिचौलिए ने साठगांठ कर किसान के रकवे में धान की फसल दर्शाते हुए लेखपाल से सत्यापन करवा दिया और अन्य किसानों का धान खरीद कर उसी रकवे की खतौनी लगाकर बेच दिया। बिचौलियों के धान क्रय करने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। एडीएम ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया है।
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