संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। एरवाकटरा थाना पुलिस की ओर से गो तस्करी में पकड़े गए चार आरोपियों को जहां जेल भेजा गया है। वहीं देर रात थाना में बवाल करने वाले चार आरोपियों को पकड़ा जा सका है। पूरे मामले को लेकर पुलिस सात नामजद समेत 50 अज्ञात आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
पूरा मामला बजरंग दल संगठन के इर्दगिर्द बना रहा। ऐसे में संगठन की ओर से तीन पदाधिकारियों से किनारा कर लिया गया। आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर डीसीएम से 11 गोवंश बरामद होने पर पुलिस ने छह नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसमें शिवा सोनी, रिशू पांडेय निवासी मुखर्जीनगर राजपुर कानपुर देहात, विजय कुमार, वीरू दोहरे निवासी तुर्कीपुर भगवानदास थाना अयाना, भीम दोहरे निवासी वटापुर मैनपुरी व तालिब निवासी इस्लामनगर अजीतमल के नाम रहे थे।
इसमें से शिवा सोनी, रिशू, विजय कुमार व वीरू को पुलिस ने पकड़ा था। मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में मंगलवार देर रात थाना में जुटी भीड़ इन्हीं चारों आरोपियों को कस्टडी से छुड़ाने पहुंची थी। जहां पुलिस से झड़प के दौरान तोड़फोड़ समेत बलवा जैसे हालात बन गए। थाना में उपद्रव करने के मामले में पुलिस ने शिवगोपाल दुबे, शिवम दुबे, गौरव शुक्ला, गौरवेंद्र मोहन, विकाश तिवारी, विशाल, आदर्श चतुर्वेदी, सनी चौहान, सत्या चक्रवर्ती समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
बजरंग दल के प्रांत संयोजक ने झाड़ा पल्ला
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को मौके से पकड़ लिया था। इसमें शिवम दुबे, गौरव शुक्ला, गौरवेंद्र मोहन व विकास तिवारी शामिल रहे। जिन्हें एसडीएम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। गुरुवार को इस मामले में बजरंग दल के प्रांत संयोजक आचार्य अजीत राज की ओर से पत्र जारी करते हुए जिला संयोजक बजरंग दल पुखरायां गौरव शुक्ला, जिल गौरक्षा प्रमुख बजरंग दल पुखरायां गौरव पंडित व जिला संयोजक बजरंग दल औरैया शिवगोपाल दुबे को पद व सदस्यता से मुक्त कर दिया गया।
किसी भी तरह की क्रियाकलापों से संगठन से कोई संबंध न होने की हवाला भी दिया गया। वहीं पकड़े गए आरोपी रिशू पांडेय का संगठन से कोई संबंध न होने की बात भी कही गई। वहीं इस मामले में सीओ बिधूना अशोक कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों को पकड़ा जाएगा। जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।