औरैया। जिले में सड़क परिवहन को मजबूती देने के लिए प्रदेश सरकार ने सीएम ग्राम परिवहन योजना को मार्च में हरी झंडी दी थी। प्राइवेट बस संचालकों को अनुबंध पर चयनित रूटों पर बस चलाने का ऑफर दिया गया लेकिन औरैया जनपद में इस ऑफर के लिए बस संचालक सामने ही नहीं आ रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत जिले के ग्रामीण इलाकों से जिला मुख्यालय के लिए बसों का संचालन किया जाना है। योजना को लागू करने के लिए परिवहन निगम निजी बसों को अनुबंधित करना है। इस अनुबंध के तहत बस मालिक को हर माह 1500 रुपये निगम को देना होगा। जिले में डीएम की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति प्रस्तावित रूटों पर अंतिम मुहर लगाएगी। इस समिति में डीएम अध्यक्ष, सीडीओ, एआरटीओ और एआरएम सदस्य हैं।
इस समिति के सामने महज एक बस संचालक ने रुरुगंज व बिधूना को मुख्यालय से जोड़ने वाली बस चलाने का प्रस्ताव रखा था। इसे एआरएम ने संस्तुति भी दे दी लेकिन यह बस भी अभी तक रूट पर नहीं दौड़ सकी है।
10 साल के अनुबंध का है प्रावधान
एआरटीओ का परमिट भी नहीं जरूरी
निजी बसों को इस योजना के तहत जोड़कर परिवहन निगम 10 साल के लिए अनुबंध दे रहा है। नियम के अनुसार 15 से 28 सीट वाली डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों को 10 साल के लिए अनुबंधित किया जाएगा। इसके लिए बस मालिक को 2000 रुपये आवेदन शुल्क, 5000 रुपये सिक्योरिटी मनी और हर माह 1500 रुपये एआरएम कार्यालय में जमा करने होंगे।
इसके साथ ही किसी भी रूट पर बस चलाने के लिए एआरटीओ कार्यालय से परमिट लेने की जरूरत नहीं होगी। बस की पूरी कमाई वाहन स्वामी ही रखेगा। एक बस दिनभर में कम से कम दो फेरे लगाएगी, जबकि दो से अधिक फेरे लगाने पर कोई रोक नहीं होगी।
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मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत लगातार प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। महज एक बस संचालक ने आवेदन किया है। बस संचालकों से लगातार अनुबंध के लिए संपर्क किया जा रहा है।-अपर्णा मीनाक्षी, एआरएम औरैया रोडवेज डिपो