औरैया। गेहूं खरीद की रफ्तार में तेजी लाने के लिए शासन ने नए फरमान जारी किया है। केंद्र प्रभारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेंगे और उनके गेहूं की खरीद करेंगे। इसके लिए उन्हें केंद्र भी जाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि इसके लिए गेहूं की न्यूनतम मात्रा निर्धारित की गई है।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद के लिए 65 क्रय केंद्र खोले जा चुके हैं। जिसमें सिर्फ अजीतमल क्रय केंद्र पर केवल 97 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है। सरकार ने समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। जबकि आढ़तों में बाजार भाव 2050 से 2150 रुपये तक चल रहा है।
ऐसे में किसान आढ़तियों को अपना गेहूं बेच रहे हैं। शासन ने क्रय केंद्रों पर खरीद की स्थिति को देखते हुए नए फरमान जारी किया है। इसके मद्देनजर अब क्रय केंद्र प्रभारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेंगे और मौके पर ही किसानों का गेहूं खरीदेंगे। इसके लिए किसानों से समूह में संपर्क किया जाएगा। जिसमें कम से कम 180 से 250 क्विंटल तक गेहूं खरीद एक ही स्थान पर होने पर ही गेहूं की खरीद होगी। फुटकर गेहूं की खरीद नहीं होगी।
क्रय केंद्र प्रभारियों को गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें न्यूनतम 180 से 250 क्विंटल गेहूं की खरीद एक ही गांव में होनी चाहिए। तभी गेहूं की खरीद संभव हो सकेगी। - सुधांशु शेखर चौबे, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी