यमुना नदी के पानी में गिरता सीवरेज नाले से काला होता पानी का रंग। संवाद
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औरैया। शहरी क्षेत्र से प्रतिदिन यमुना नदी में गिर रहे हजारों क्यूसेक सीवरेज पानी से दिनों दिन मैली हो रही यमुना को बचाने के लिए शासन से लेकर प्रशासन तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जिससे धीरे-धीरे यमुना का जल दूषित होता जा रहा है। यदि जल्द ही शासन व प्रशासन न चेता तो वह दिन दूर नहीं कि यमुना के अस्तित्व को खतरा हो सकता है।
नगर पालिका परिक्षेत्र से प्रतिदिन निकलने वाला मल युक्त पानी यमुना नदी में गिरने से उसके अस्तित्व पर संकट खड़ा होता जा रहा है। जिससे विभिन्न पर्वों पर यमुना नदी में स्नान करने व उसके जल का आचमन करना भी लोगों के लिए किसी मुसीबत मोल लेने से कम नहीं होगा। शहर से यमुना नदी की तरफ जाने वाले सीवर नाले पर नजर डाले तो गंदगी और मल सीधा यमुना नदी के पानी में पहुंचकर उसको दूषित बना रहा है।
बता दें कि नगर पालिका प्रशासन की ओर से शासन को अप्रैल 2021 में 89 करोड़ रुपये का सीवरेज ट्रीटमेंट का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, लेकिन आज तक उस पर कोई अमल नहीं हो सका है। अहम बात यह है कि शासन की ओर से यमुना नदी को नमामि गंगे प्रोजेक्ट में शामिल किए जाने के बाद भी आज तक यमुना के अस्तित्व को बचाने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए। जिससे आने वाला समय यमुना नदी के जल की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर सकता है।
बोले जिम्मेदार
शासन को एक साल पहले सीवरेज ट्रीटमेंट का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। जब तक प्रस्ताव पर अनुमति नहीं मिलेगी, यमुना नदी में गिर रहे सीवरेज नाले को बंद कर पाना मुश्किल है। क्योंकि शहर के प्रदूषित पानी के निकलने की कहीं भी व्यवस्था नहीं है। -बलवीर सिंह, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद, औरैया।
शहर से यमुना की तरफ बीहड़ से होकर जाता नाले का पानी । संवाद- फोटो : AURAIYA