फोटो-13एयूआरपी-10- कचरा रूम के बाहर कुत्ते फैलाते कचरा। संवाद
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औरैया। जिले के 50 शैय्या अस्पताल में डेंगू, मलेरिया के साथ अन्य बीमारियों के मरीज भर्ती हैं। इसके साथ ही यहां वैक्सीनेशन का कार्य भी चल रहा है। इसके बावजूद भी अस्पताल प्रशासन और कर्मचारी सफाई पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अस्पताल में मेडिकल कचरा खुले में फैल रहा है। जिससे मरीजों के साथ तीमारदारों के बीमार होने का डर है।
जिले में डेंगू और बुखार का प्रकोप है। कई गांवों में सैकड़ों की संख्या में लोग डेंगू से ग्रसित हैं, कई लोगों की बुखार और डेंगू से मौत भी हो चुकी है। बीमारियों से ग्रसित होकर लोग 50 शैय्या अस्पताल आते है। इन दिनों अस्पताल आने वालों लोगों को अस्पताल से ही बीमारी फैलने का डर सता रहा है। दरअसल अस्पताल के अंदर घुसते ही सामान्य कचरा रूम बना है।
जिसमें कचरा भरा होने के कारण बाहर फैल रहा है। वहीं, कुत्ते भी कचरा फैला रहे हैं। जो परिसर से उड़कर इधर से उधर फैल रहा है। इस कचरे में मरीजों को इस्तेमाल किए जा चुके मास्क, इंजेक्शन, दवाइयां खुले में पड़ी नजर आ रही हैं। जिससे मरीज के साथ आने वाले तीमारदार को डर है कि कहीं वह इस कचरे से संक्रमित न हो जाए।
डेंगू विभाग और वैक्सीनेशन एक ही जगह
औरैया। जिले के 50 शैय्या अस्पताल के द्वितीय तल में डेंगू और वैक्सीनेशन सेंटर का कार्य एक साथ चल रहा है। जो कि बीमारियों को दावत दे रहा है। कोरोना से बचाव के लिए जिले के लोग वैक्सीनेशन करवा रहे है, लेकिन उन्हें नहीं मालूम है कि वैक्सीनेशन के साथ वह डेंगू वार्ड में भर्ती लोग भी उनके पास आते हैं। जिससे डेंगू का खतरा है।
वर्जन
अस्पताल परिसर में नियमित साफ-सफाई के साथ बीमारियों को लेकर विशेष सावधानी के निर्देश हैं। यदि सफाई और कचरा हटाने में लापरवाही की जा रही तो जिम्मेदार से जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। -डा. प्रमोद कटियार, सीएमएस