औरैया। कोरोना के बाद अब डेंगू ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे डेंगू मरीजों के कारण स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। शहर हो या देहात बुखार से तपने वालों की संख्या में फिलहाल कहीं भी कमी नहीं है। मंगलवार को 50 शय्या अस्पताल में 560 से अधिक बुखार के रोगी पहुंचे। वहीं चार गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंची। जहां 230 से अधिक मरीजों का इलाज कर दवाएं दीं गईं।
एक जुलाई से जिले में डेंगू व वायरल फीवर की जांच स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की थी। तब से लेकर आज तक जिले में कुल 41 डेंगू के रोगी मिल चुके है। जो स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में शामिल हैं। जिसमें डेंगू संक्रमित चार माह के बच्चे की मृत्यु भी हो चुकी है। एक जुलाई से अब तक जिले में मिले डेंगू रोगियों की संख्या में पिछले तीन सालों के रिकार्ड को तोड़ दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार इस साल मिले 41 रोगियों में 12 रोगियों का जिले के बाहर कानपुर, सैफई में उपचार चल रहा है। लगातार डेंगू संक्रमित मरीज मिलने से विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो संक्रमण को नियंत्रण में करने और डेंगू संक्रमित मरीजों की जांच के लिए प्रयास जारी है। वहीं वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए गांवों में टीमें सक्रिय हैं।
मंगलवार को स्वास्थ्य टीम निगड़ा, तुर्कीपुर, पातेपुर पहुंची। जहां टीमों ने 230 से अधिक वायरल फीवर के मरीजों का उपचार किया। स्वास्थ्य टीम ने बताया कि कुल मिले मरीजों में 50 फीसदी मरीज बुखार के हैं। डेंगू के लक्षण वाले 40 मरीजों का एलाइजा लिया गया और जांच के लिए सैफई भेजा है।
तीन सालों के डेंगू मरीजों का विवरण
वर्ष डेंगू रोगी की संख्या
2018 27
2019 36
2020 10
2021 41
क्यों फैलता है डेंगू : यह बीमारी एडीज मच्छर के काटने से होती है।
लक्षण : अचानक तेज बुखार, सिर में तेज दर्द, चक्कर आना, जी घबराना, उल्टी आना, शरीर पर खून के चकत्ते और खून की सफेद कोशिकाओं में कमी।
बचने के तरीके : घर में सफाई रखें, डेंगू के मच्छर सुबह और शाम को ज्यादा सक्रिय होते हैं। इसका ध्यान रखें। मच्छर साफ और स्थिर पानी में पनपता है। पानी के बर्तन या टंकी को हर समय ढककर रखें।
वर्जन
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि बीमार मरीजों की जांच के लिए टीमें सक्रिय हैं। डेंगू संक्रमित मरीजों के गांवों और अधिक संख्या में बीमार मिलने वाले गांवों में टीमें भेजकर फॉगिंग, एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव कराया जा रहा है। यही नहीं लोगों को टीमें जागरूक भी कर रहीं हैं। जल्द ही बीमारी पर नियंत्रण कर लिया जाएगा।