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उप स्वास्थ्य केंद्र के कमरे में भरा भूसा और पुआल

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बिधूना (औरैया)। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भले ही सरकार दम भर रही हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल नजर आ रही हैं। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते एरवाकटरा क्षेत्र के रठगांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में ग्रामीणों ने पुआल और भूसा भर दिया है। एएनएम के केंद्र न पहुंचने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
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एरवाकटरा ब्लॉक क्षेत्र के रठगांव में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था। शुरुआती दौर में स्वास्थ्य कर्मियों के आने से टीकाकरण के साथ अन्य सेवाएं लोगों को मिल रही थीं। विभागीय अनदेखी के चलते अब भवन पर ताला लटक रहा है। गांव के राम सिंह, केशव आदि ने बताया कि एक वर्ष से यहां कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं आया है। भवन की देखरेख न होने से गांव के लोगों ने भूसा, पुआल भरकर कब्जा कर रखा है।
कोरोना काल में लोगों को ग्रामीण स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत किए जाने के निर्देश हुए थे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों को अस्पताल गोद लेकर उनमें स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के निर्देश थे। बावजूद इसके जिले में इसका असर होता नजर नहीं आ रहा है। यहीं कारण है कि उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाल होते जा रहे हैं।
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इन गांवों के मरीज आते थे
ग्राम पंचायत रठगांव में साहसपुर, पिपरी, पियारा नगला, सामपुर, बमराह, गोड़ा, बदनपुर, बोझा, नगला गुसाई, अड्डा भारत, नगला मुंशी, नगला निरंजन, दहले के नगला, बखौटिया, छुवारे को नगला, गठिया खेड़ा समेत 17 मजरा लगते है। इन गांवों के लोगों को उप स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सुविधा मिलती थी। बीमार होने पर इलाज और टीकाकरण भी हो जाता था। अब लोग बिधूना व एरवाकटरा दवा लेने जाने के लिए मजबूर हैं।
वर्जन
उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर है। जिसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। तीन महीने के अंदर ही व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। नहीं तो नया भवन बनवाया जाएगा। -डॉ. मोहित यादव, एरवाकटरा सीएचसी अधीक्षक
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