औरैया। शारदीय नवरात्र सात अक्तूबर से शुरू हो रहा है। घरों में माता रानी के स्वागत को लेकर भक्तों पे तैयारियां शुरु कर दीं हैं। बाजारों में सजी दुकानों पर भीड़ देखने को मिल रही है। दुकानदारों ने बताया इस बार पहले जैसी रौनक तो नहीं है, लेकिन मातारानी के स्वागत को लेकर भक्तों में जोश देखने को मिल रहा है। उम्मीद है कि इस बार नवरात्र से बाजारों में रौनक लौट सकती है।
कोरोना संक्रमण के कारण बीते नवरात्र में पहले जैसी भक्ति नहीं देखने को मिली थी। संक्रमण के कड़े पहरे में नवरात्र मना था। तब से लेकर आज तक बाजार में रौनक गायब थी। इधर 15 दिनों से बाजार में भीड़ नजर आने लगी है। यह भीड़ शारदीय नवरात्र की तैयारियों को लेकर देखने को मिल रही है। इस नवरात्र पर दुकानदार भी मुनाफा कमाने के लिए सजावटी के सामनों से दुकान सजाए हैं। शहर में विभिन्न स्थानों पर सजीं दुकानों पर मंगलवार को भीड़ देखने को मिली। कारोबार से जुड़े रामू ने बताया इस नवरात्र पर पहले जैसी रौनक फिलहाल तो अभी नहीं देखने को मिली है।
लेकिन उम्मीद है कि कारोबार ठीक होगा। सजावटी सामान का कारोबार शहर में 22 लाख के आसपास होने के आसार है। बताया चैत्र की नवरात्र में भक्तों ने संक्रमण के चलते तैयारी नहीं कर सके थे, लेकिन इस बार नवरात्र पर माता रानी का स्वागत जोश के साथ होगा। दुकानदार सुधीर कुमार ने बताया बाजार में आगरा और मथुरा के फैंसी कपड़े उपलब्ध है। जिनसे माता रानी का शृंगार होगा। इसके साथ ही शृंगार के बाद माता रानी आगरा से बने लकड़ी के सिंहासनों पर विराजेंगी। बाजार में माला, चुनरी की अधिक बिक्री देखने को मिल रही है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
आचार्य आशु महाराज ने बताया इस बार शारदीय नवरात्र सात से 14 अक्तूबर तक हैं। 15 अक्तूूबर को दशहरा है। इस बार नवरात्र में आठ दिन की पूजा और नवें दिन विसर्जन का योग बना है। महाष्टमी 13 अक्तूबर को और महानवमी 14 अक्तूबर को मनाई जाएगी। दशहरा 15 अक्तूबर को है। शारदीय नवरात्र में घट स्थापना का मुहूर्त इस बार सिर्फ अभिजीत मुहूर्त ही रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सात अक्तूबर को दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक का है। इसके अलावा भी सुबह के समय छह बजकर 17 मिनट से सात बजकर सात मिनट का समय भी घट स्थापना है।
शारदीय नवरात्र का कार्यक्रम
सात अक्तूबर - मां शैलपुत्री की पूजा व घट स्थापना
आठ अक्तूबर - मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
नौ अक्तूबर - मां चद्रघंटा की पूजा
10 अक्तूबर - मां कुष्मांडा की पूजा
11 अक्तूबर - मां स्कंदमाता और मां कात्यायनी की पूजा
12 अक्तूबर - मां कालरात्री की पूजा
13 अक्तूबर - मां महागौरी की पूजा
14 अक्तूबर - मां सिद्धिदात्री की पूजा