औरैया। रिमझिम बारिश ने धान के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं हैं। भंडारण का इंतजाम न होने से किसान मंडी में औने पौने फसल बेचने को मजबूर हैं। नमी के कारण सरकारी केंद्रों पर किसानों का धान नहीं लिया जा रहा है। जिससे धान खरीद प्रभावित है। शनिवार को जिले के अधिकांश केंद्रों पर सन्नाटा रहा।
मौसम की बेरुखी धान के किसानों के लिए मुसीबत बन रही है। कई दिनों से बदली छाए रहने के साथ शुक्रवार की रात से शनिवार को दिन में बूंदाबांदी हुई। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है। उनके पास भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण मंडी में धान बेचने को विवश हैं। शनिवार बूंदाबांदी के बीच शहर की गल्ला मंडी में आढ़तों पर धान की बिक्री हुई। वहीं सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा रहा।
एक क्रय केंद्र प्रभारी ने बताया कि धान की कटाई चल रही है, लेकिन धान में नमी के कारण खरीद प्रभावित है। जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू हो चुकी है। 20 दिन में 185 किसानों से 1877 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। 44 क्रय केंद्रों में 26 में खरीद शुरू है। जिले के क्रय केंद्रों पर ई-पॉप मशीनों (इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ पर्चेज) में तकनीकी खामियों व खराबी को दुरुस्त करने के लिए लखनऊ से इंजीनियर बुलाया गया है। शनिवार को इंजीनियर ने बहादुरपुर, तिलकपुर, खानपुर-फफूंद, छछूंद क्रय केंद्रों पर खराब मशीनों को दुरुस्त किया है।
मौसम के कारण धान खरीद बाधित है। क्रय केंद्र प्रभारियों को धान खरीद में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कुछ केंद्रों पर ई-पॉप मशीन खराब होने की शिकायत मिली थी। इंजीनियर को बुलाकर उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। - सुधांशू शेखर चौबे, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी