औरैया। ग्राम पंचायत खरका में ग्रामीण खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने लोगों से पैसे लेकर शौचालय बनवाएं हैं। जो पैसे नहीं दे पाए, उनके घर की महिलाएं अभी भी खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं।
औरैया से पांच किलोमीटर दूर स्थित खरका ग्राम पंचायत में पांच मजरे खरका, खरका की मडै़या, बरातपुर, पैगबरपुर, द्वारिकापुर हैं। जिसमें खरका में करीब 250 सौ लोगों की आबादी है। गांव के लोग आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव के अंदर जाने के लिए सड़कें भी खराब पड़ी हैं। वहीं, शौचालय न होने पर महिलाएं खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं।
मंदिर के पुजारी बाबा सेवानंद ने बताया कि उन्हें शौचालय नहीं मिला है। इसलिए आज भी वह खुले में शौच जाते हैं। कई बार गुहार भी लगाई, मगर किसी ने नहीं सुनी।
खरका निवासी राम ने बताया कि अभी तक शौचालय नहीं मिला है। अब खुद ही खेती-किसानी कर पैसा कमा रहे हैं। अपने पैसे से ही शौचालय बनवाएंगे। खुले में शौच जाते हैं।
खरका गांव निवासी संजू अवस्थी ने बताया कि रात के समय जब घर की महिला शौच के लिए जाती है। तब चिंता रहती है। कई बार शौचालय के लिए गुहार लगाई, मगर नहीं मिला।
खरका गांव निवासी हरीशंकर ने बताया कि मांग करते करते थक गए है। सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों पर चल रही हैं। जिसमें बंदरबांट हो रहा है। लाभ नहीं मिल पाता।
गांव में रहने वाले कुछ ग्रामीणों के शौचालय बने हैं। जिन ग्रामीणों के शौचालय नहीं बने हैं। उनके शौचालय बनवाए जाएंगे। -शशि देवी अवस्थी