औरैया। शहर की पुरानी कलक्ट्रेट स्थित कांशीराम कॉलोनी में देखरेख के अभाव में बिल्डिंगें जर्जर होती जा रही हैं। छज्जे टूट कर लटक रहे हैं। छत का प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। साफ-सफाई के अभाव में गंदगी फैली है। फुटपाथ पर भी गंदगी होने के चलते लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है।
बसपा सरकार में शहर के बीचोंबीच पुरानी कलक्ट्रेट परिसर में कांशीराम कॉलोनियां बनवाई गई थीं। इसमें 500 से ज्यादा आवासों में करीब दो हजार से ज्यादा लोग निवास करते हैं। इस कॉलोनी में जलनिकासी के लिए छोटी-छोटी नालियां और पतली सड़कों का निर्माण कराया गया था। कॉलोनी की जलनिकासी के लिए गौरैया तालाब की तरफ नाला भी बनवाया गया था। मगर नालों की नियमित सफाई न होने से जलनिकासी ठप है।
स्थानीय लोगों की ओर समय-समय पर कॉलोनी कैंपस में सफाई को लेकर पालिका में समस्या भी उठाई जाती है। सफाई अभियान चलने के कुछ दिन बाद फिर से गंदगी फैल जाती है। बिल्डिंगों में बिछी सीवरेज लाइनें और पाइप जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में बिल्डिंगों पर नमी के चलते पेड़-पौधे उग आए हैं। खिड़कियों पर लगे छज्जे लटक रहे हैं।
नमी के चलते छतों का प्लास्टर भी उखड़कर गिर रहा है। छत की सरिया साफ-साफ नजर आ रही है। स्थानीय लोगों की ओर से कॉलोनी की मरम्मत को लेकर अक्सर मांग उठाई जाती है लेकिन इस दिशा में कोई खास कदम नहीं उठाया जा सका है।
लोग बोले-सालों से नहीं हुई मरम्मत
कॉलोनी के परिसर में फुटपाथ तक गंदगी फैली हुई है। सफाई ठीक ढंग से नहीं होती है। भवनों में सालों से मरम्मत नहीं हुई है। टूट-फूट की मरम्मत हो जाए तो बेहतर होगा।-राकेश कुमार
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कॉलोनी में छज्जे टूटकर लटक रहे हैं। छत का प्लास्टर भी टूट रहा है। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है। जलनिकासी और भवनों की मरम्मत हो जाए तो समस्या दूर हो जाएगी।-सज्जन
कांशीराम कॉलोनी के भवनों की मरम्मत को लेकर प्लान बनाया गया है। मुख्यमंत्री को मांग पत्र भी दिया है। बजट की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।-अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष औरैया
फोटो-14- दूसरे ब्लॉक की छत का उखड़ा हुआ प्लास्टर। संवाद