कंचौसी। घाटे में चल रहा बीएसएनएल एक्सचेंज बंद हो गया है। इस कारण दो माह से डाकघर की इंटरनेट सेवाएं बंद है। ऐसे में डाकघर के उपभोक्ताओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के सभी कर्मियों को दिबियापुर डाकघर से संबद्ध कर दिया गया है।
करीब 10 साल पहले कस्बे में स्थापित टेलीफोन एक्सचेंज से कंचौसी कस्बे में करीब 300 लैंडलाइन और 24 ब्राडबैंड कनेक्शन संचालित थे। इनमें बैंक व डाकघर के कनेक्शन भी थे। समय के साथ ही बेसिक फोन का चलन खत्म हो गया।
वहीं आए दिन खराब रहने वाली बीएसएनएल की सेवाओं से आजिज ब्राडबैंड के 21 कनेक्शन धारकों ने अपने कनेक्शन कटवा दिए। आय खत्म होने और खर्च अधिक होने के कारण एक्सचेंज को निगम ने बंद कर दिया।
इसके साथ ही बैंक और डाकघर के जो ब्राडबैंड कनेक्शन बचे थे, उन्हें अपनी वैकल्पिक व्यवस्था करने की ताकीद दी लेकिन डाकघर ने अपनी व्यवस्था नहीं की। इधर बीएसएनएल का एक्सचेंज पिछले दो माह से पूरी तरह से बंद है।
इस कारण डाकघर की सेवाएं भी दो माह से ठप है। कंचौसी डाकघर में करीब 15 गांव के 20 हजार लोग खाताधारक है। इन खाताधारकों की पेंशन, बचत, एफडी के खाते संचालित हो रहे हैं।
इसके साथ ही डाक सेवा से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी यहां मिल रही थी। ब्राडबैंड कनेक्शन बंद होने के बाद डाकघर की सभी सेवाएं ठप हो गईं। ऐसे में अधिकारी व कर्मचारियों को परेशानी होने लगी।
इस पर कई बार डाक अधीक्षक ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिख कर समस्या निदान कराने की मांग की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बल्कि सभी डाकघर कर्मचारियों को दिबियापुर से संबद्ध करके काम करने को कहा। ऐसे में खाताधारकों को लेनदेन के लिए 10 किलोमीटर दूर दिबियापुर जाना पड़ रहा है।
एजेंट बने खाताधारकों का सहारा
डाकघर से लेनदेन बंद होने के बाद अधिकांश जरूरतमंद खाताधारक अपने एजेंट व डाकघर के एक लिपिक का सहारा ले रहे हैं। ये लोग खाताधारकों से विड्राल पर हस्ताक्षर कराके जमा व निकासी करने के लिए दिबियापुर जाते है। जिसके चलते उन्हें एक या दो दिन बाद भुगतान जमा करने की रसीद व पैसा मिल पाता है।
बोले जिम्मेदार...
इंटरनेट की वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण सभी काम बंद है। डाक घर में तैनात सहायकों को काम निपटाने के लिए दिबियापुर डाकघर बैठने के निर्देश मिले है। समस्या को लेकर कई बार क्षेत्रीय कार्यालय इटावा व उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। - कौशल किशोर, पोस्टमास्टर कंचौसी
आय नहीं होने कारण एक्सचेंज का संचालन बंद कर दिया गया है। जो उपभोक्ता बचे थे, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया था। - शिवदत्त पाल एसडीओ एनटीपीसी एक्सचेंज