औरैया। बिना पंजीकरण और मानक पूरे किए संचालित हो रहे अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर शिकंजा कसेगा। इसके लिए ब्लाक से लेकर जिले स्तर पर टीमें बनाई गई हैं।
जो गोपनीय तरह से अस्पताल के मानक और पंजीकरण में दर्शाए गए डॉक्टरों की स्थिति जांचेंगी। जिस भी अस्पताल में खामियां पाई गई उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
जिले के मानक विहीन अस्पतालों को मरीजों की जान से खिलवाड़ की छूट मिली हुई है। अकेले औरैया, दिबियापुर, अछल्दा और बेला क्षेत्र में 25 ऐसे अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जो विभाग के मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
ऐसे अस्पतालों में आए दिन मरीजों की मौत होती है, कुछ में हंगामा होता है तो कुछ आपसी समझौते से मामले निपटा लेते हैं। जब-जब ऐसे अस्पतालों का प्रकरण उठता है, महकमे के अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई के नाम पर खानापूरी करने लगते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके बाद सीएमओ ने ब्लाक व जिले स्तर पर टीमें गठित की हैं। ये टीमें बिना किसी की जानकारी के गोपनीय ढंग से कार्रवाई करेंगी।
सरकारी आंकड़ों में पंजीकृत अस्पताल
हॉस्पिटल - 28
पैथालॉजी/लैब - 22
क्लीनिक - 15
बोले जिम्मेदार...
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। कुछ जगहों पर मानक विहीन अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इनमें पंजीकरण में दर्ज डॉक्टरों के नहीं आने की शिकायतें हैं। इस पर टीमें गठित की गई हैं। जो अस्पतालों में डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी, ओटी, वार्ड आदि के मानक चेक करेंगे। खामियां मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ